झंडेवालान में प्राचीन श्री हर श्रीनाथ जी मंदिर को बचाने की अपील तेज
बरेली/दिल्ली। प्राचीन श्री हर श्रीनाथ जी सनातनी मंदिर को बचाने की करुण अपील करते हुए बरेली से आए सेवादारों ने सोमवार 8 दिसंबर को उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री डॉ. अरुण कुमार और सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार को ज्ञापन सौंपा। गुलशन आनंद के साथ पहुँचे प्रतिनिधिमंडल को दोनों जनप्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया कि मामला शीघ्र ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह तक पहुँचाया जाएगा।
सेवादारों के अनुसार झंडेवालान मंदिर क्षेत्र में स्थित यह स्थल केवल दरगाह नहीं, बल्कि गुरु गोरखनाथ जी और गद्दीनशीन गुरुओं की समाधियों का प्राचीन सनातनी धाम है, जहाँ पिछले 16 वर्षों से अखंड राम ज्योति, हरे राम का पाठ और नियमित पूजा-अर्चना जारी है। आरोप है कि प्रशासन इसे अतिक्रमण बताकर तोड़फोड़ और कब्जे की कार्रवाई कर रहा है।
भक्तों ने बताया कि मंदिर की बिजली-पानी सप्लाई काट दी गई, जिससे भोग, आरती और नियमित पूजा के सभी क्रम बाधित हो गए। श्रद्धालुओं ने इसे आस्था पर “गंभीर चोट” बताया और कहा कि “भक्त कष्ट सह सकता है, पर भगवान को कष्ट सहते नहीं देख सकता।”
सेवादारों ने यह भी कहा कि यह वही हर श्रीनाथ परंपरा है जिसके पुजारी काबुल में तालिबान हमलों के दौरान भी मंदिर छोड़ने को तैयार नहीं हुए थे। आज उसी परंपरा के मंदिर को दिल्ली में संघर्ष का सामना करना पड़ रहा है, जो भक्तों के लिए अत्यंत पीड़ादायक है।
गुरु महाराज के निर्देश पर संगठित आंदोलन की जगह भक्तों ने शांतिपूर्ण निवेदन और तथ्यात्मक सूचना देने का मार्ग चुना है। ज्ञापन में मांग की गई है कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा आवंटित 3803 गज भूमि पर बाउंड्री वॉल निर्माण कराया जाए, जहाँ तुलसी वाटिका, लंगर-प्रसाद स्थल और मंदिर परिसर सुरक्षित रूप से पुनः स्थापित किया जा सके।
अंत में श्रद्धालुओं ने सरकार से विनती करते हुए कहा
“हर श्रीनाथ जी की शरण में हम सब कृपा कर प्राचीन मंदिर को टूटने और कब्जे से बचाया जाए।













































































