डॉ रजनीश सक्सेना ने बरेली को समाजसेवा के क्षेत्र में राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय ख्याति दिलाई, ये बरेली की शान हैं : संजीव अग्रवाल विधायक
बरेली। पिछले 41 वर्षों से समाजसेवा को समर्पित वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. रजनीश सक्सेना का जन्मदिन वात्सल्य सेवा संस्थान के सभागार में धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में शहर के अनेक गणमान्य, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोग उपस्थित रहे। कैंट विधायक संजीव अग्रवाल ने डॉ. सक्सेना को बरेली की शान बताते हुए कहा कि उन्होंने समाजसेवा के क्षेत्र में बरेली को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई है। कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान की छात्राओं द्वारा मां सरस्वती वंदना और स्वागत गीत से हुई। युवा कवि रितेश साहनी ने संस्था के उद्देश्यों पर काव्यपाठ कर माहौल को भावपूर्ण बना दिया।
अतिथियों का स्वागत अंकुर सक्सेना, कनिष्क शर्मा, संतोष उपाध्याय, डॉ. सरताज हुसैन, रचना सक्सेना, पूजा कालरा, अखिलेश शर्मा, संजीव सक्सेना, संजीव अवस्थी, डिम्पल मेंदीरत्ता, अभिषेक सक्सेना, प्रीति सिंह और चंद्रभान सिंह रत्नाकर ने किया। डॉ. रजनीश सक्सेना ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे वर्षों से अपना जन्मदिन अनाथ व दिव्यांग बच्चों के साथ मनाते आ रहे हैं, क्योंकि उन्हें प्रेम और सहयोग की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। इसके बाद उपस्थित सभी लोगों को श्री गंगा, गौ, बेटी, पर्यावरण बचाओ ,देश बचाओ तथा रक्तदान महादान की शपथ भी दिलाई गई। मुख्य अतिथि विधायक संजीव अग्रवाल, कार्यक्रम अध्यक्ष गुलशन आनंद और विशिष्ट अतिथियों वीरेंद्र प्रसाद खंडेलवाल, ब्लॉक प्रमुख योगेश पटेल, पूर्व उपसभापति अतुल कपूर, डॉ. महेंद्र सिंह बासु, सौरभ कुमार अग्रवाल आदि ने मां गंगा और मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया। कार्यक्रम में भाजपा महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना, डॉ. पवन सक्सेना, राजेंद्र प्रसाद, विनीश अरोरा, सुरेंद्र रस्तोगी, राजेंद्र गुलाटी सहित कई प्रमुख हस्तियों ने डॉ. सक्सेना का सम्मान किया।
समारोह के दौरान डॉ. सक्सेना ने दिव्यांगजनों के साथ केक काटा, फल एवं मिष्ठान वितरित किए और दिव्यांग बच्चों की सेवा में लगे शिक्षकों का समाजसेवा शिरोमणि सम्मान से सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन चेतना सक्सेना ने किया। दिव्यांग बच्चों की प्रस्तुतियों ने समा बांध दिया। अंत में संरक्षक सी.एल. शर्मा और अनुपम कपूर ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।













































































