लंदन में भारतीय संस्कृति का परचम लहराकर भारत लौटीं ‘वाटर वुमन’ शिप्रा पाठक का भव्य स्वागत
नई दिल्ली।लंदन में भारतीय सनातन संस्कृति का डंका बजाने के बाद जब वाटर वुमन के नाम से प्रसिद्ध शिप्रा पाठक भारत लौटीं, तो दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका शानदार स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में एकत्रित सनातन प्रेमियों ने पुष्पवर्षा और गाजे-बाजे के साथ “जय भारत, जय सनातन” के नारों से पूरे एयरपोर्ट को गुंजायमान कर दिया।

लंदन में ‘महाकुंभ’ पुस्तक का विमोचन अपनी विदेश यात्रा के दौरान शिप्रा पाठक ने लंदन में अपनी पुस्तक ‘महाकुंभ’ के अंग्रेज़ी संस्करण का लोकार्पण किया, जिसमें उन्होंने कुम्भ की दिव्यता, पंचतत्व संस्था की गतिविधियों और पर्यावरण संरक्षण के संदेशों को विस्तार से समझाया है। उन्होंने बताया कि वे पहले केवल 250 प्रतियां लेकर गई थीं, लेकिन वहां हजारों प्रतियों की मांग को देखते हुए और पुस्तकों की आपूर्ति का अनुरोध किया गया है।
लंदन की संसद में गरजी हिंदी की ओजस्वी वाणी

लंदन के दोनों सदनों में हिंदी में अपने प्रभावशाली संबोधन के कारण शिप्रा पाठक ने उपस्थित जनों का मन मोह लिया।
उन्होंने कहा—
“मैं भारत से हूं, जहाँ नदियों का पूजन किया जाता है। गंगा, नर्मदा और गोमती के किनारे रहने वाले लोग अपने को सौभाग्यशाली समझते हैं।”
उन्होंने वहां उपस्थित लोगों को थामस नदी की ऊर्जा और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के गौरव से जोड़ते हुए भारतीय नदियों के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला।
मेयर के साथ पर्यावरण की शपथ
लंदन प्रवास के दौरान शिप्रा पाठक को बेरो ऑफ़ हाईरो और बाथ सिटी के मेयरों ने विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया।
बाथ सिटी के मेयर के साथ उन्होंने ओक का पौधा लगाकर स्थानीय लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई।
विश्व भारत को नई दृष्टि से देख रहा: शिप्रा पाठक
भारत आगमन पर भावुक हुईं शिप्रा पाठक ने कहा—
“आज का नया भारत दुनिया को एक नई दृष्टि से दिखाई दे रहा है। सुरक्षा, संपन्नता और संस्कृति—तीनों मोर्चों पर भारत अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है।”
उन्होंने यह भी बताया कि लंदन का 100 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आने वाले महीनों में अयोध्या राम मंदिर, प्रयागराज, नर्मदा नदी और गोमती नदी दर्शन हेतु पंचतत्व संस्था के निमंत्रण पर भारत आने वाला है।













































































