जॉर्जिया में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्र की हादसे में मौत, घर में मचा कोहराम शव भारत लाने को सरकार से लगाई गुहार
बरेली। जनपद के देवरनियां थाना क्षेत्र के गांव रहपुरा गनीमत निवासी मोहम्मद सफ़वान, जो जॉर्जिया में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे, एक दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवा बैठे।
यह हादसा 23 नवंबर की सुबह हुआ, जब सफ़वान अपने दोस्तों के साथ यूनिवर्सिटी से बाहर एक पहाड़ी इलाके में घूमने गए थे। अचानक उनका पैर फिसला और वह गहरी खाई में गिर गए। इस दुर्घटना में उनकी मौत हो गई।
सफ़वान के परिवार के लिए यह खबर किसी भारी सदमे से कम नहीं थी। परिवार को इस दुखद घटना की जानकारी उनके दोस्तों ने दी। सफ़वान का परिवार बरेली के एक छोटे से गांव से है और वह अपने बेटे को डॉक्टर बनाने का सपना देख रहे थे। सफ़वान के पिता इर्फ़ान अहमद, जो सेवानिवृत्त दरोगा हैं, इस दुख में गहरे टूट चुके हैं। उन्होंने कहा, “हमने सफ़वान को डॉक्टर बनाने का सपना देखा था। वह हमारा सहारा था, अब वह हमारे बीच नहीं है। यह हमारे लिए अपूरणीय क्षति है।”
सफ़वान के माता-पिता, इरफान अहमद और उनकी पत्नी, जिनकी उम्र करीब 50 वर्ष है, अब अपनी खोई हुई उम्मीद को लेकर गहरे शोक में डूबे हुए हैं। सफ़वान के परिवार में कुल चार बच्चे हैं, जिनमें दो बड़ी बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। सफ़वान परिवार का तीसरा बच्चा था, और वह परिवार का मुख्य सहारा था। उनकी मौत ने इस छोटे से परिवार को बुरी तरह प्रभावित किया है।
सफ़वान के छोटे भाई मुआज़, जो खुद भी जॉर्जिया में पढ़ाई कर रहे थे, कुछ दिन पहले छुट्टी पर भारत आए,
इस घटना से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। मुआज़ ने कहा, “मेरे भाई के बिना मेरी दुनिया सुनसान हो गई है। वह केवल मेरा भाई ही नहीं, बल्कि मेरा दोस्त और सहारा था।
सफ़वान की असमय मौत ने न केवल उनके परिवार को शोक संतप्त किया है, बल्कि उनके दोस्तों और सहपाठियों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है। सफ़वान ने 2021 में यूक्रेन में अपनी एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण उन्हें अपनी पढ़ाई जॉर्जिया में जारी रखनी पड़ी थी। वह अब एमबीबीएस के अंतिम वर्ष में थे और भारत लौटने की योजना बना रहे थे। बह वर्तमान में जॉर्जिया की सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ़ यूरोप में एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र थे।
इस मामले में छात्र असद अंसारी ने भी सरकार से जल्द से जल्द शव भारत लाने की मांग की है
परिवारजनों ने भारत सरकार से अपील करते हुए कहा है कि उनके बेटे का शव जल्द से जल्द भारत वापस लाने में मदद करे, ताकि वे उसे सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दे सकें।













































































