बरेली। नवाबगंज ओसवाल चीनी मिल द्वारा नवाबगंज क्षेत्र के सैकड़ों गांवों के गन्ना किसानों का पिछले दो वर्षों से भुगतान न किए जाने के विरोध में सामाजिक संस्था की अध्यक्ष एवं रोहिलखंड प्रांत आम आदमी पार्टी की उपाध्यक्ष एडवोकेट सुनीता गंगवार ने किसानों के साथ नवाबगंज कार्यालय में संवाद कर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की। भुगतान न मिलने से नाराज़ किसानों के समर्थन में उन्होंने 8 दिसंबर से अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा की है। इससे पूर्व 27 अक्टूबर को सुनीता गंगवार ने नवाबगंज प्रशासन को लिखित पत्र देकर सांकेतिक धरना दिया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि जल्द भुगतान नहीं कराया गया तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन रूप दिया जाएगा। करीब 15 दिन बाद फिर प्रशासन से मुलाकात हुई, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्होंने क्षेत्रवासियों से समर्थन माँगकर धरने की घोषणा कर दी। सुनीता गंगवार ने कहा कि हमारी मांग है कि गन्ना किसानों का दो वर्ष का बकाया भुगतान ब्याज सहित किया जाए, चीनी मिल मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उन्हें किसानों के शोषण के अपराध में जेल भेजा जाए। गन्ना समिति, जो किसानों का हित करने के बजाय राजनीति में उलझी है, उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि धरना रात–दिन चलेगा और तहसील परिसर में आयोजित होगा, ताकि किसान अपनी मांगें प्रशासन के जरिये शासन तक पहुँचा सकें। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि धरना तब तक समाप्त नहीं होगा जब तक किसानों के खाते में पूरा बकाया भुगतान ब्याज सहित नहीं पहुँच जाता। बैठक में विभिन्न गांवों के किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे। संस्था के कोषाध्यक्ष वहीद अहमद अंसारी, बीडीसी सदस्य अर्जुन गंगवार, किसान नेता रामरतन गंगवार, ब्रह्मानंद गंगवार सहित कई किसान प्रमुख रूप से शामिल रहे।