बरेली। अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण महासभा बरेली के तत्वावधान में रविवार को पितृ अमावस्या के अवसर पर पवित्र रामगंगा तट पर पितरों की आत्मा की शांति हेतु सामूहिक तर्पण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्री मति जय देवी संस्कृत विद्यालय एवं आचार्य वसिष्ठ गुरुकुलम के विद्वान आचार्यों आचार्य ब्रह्मस्वरूप जी, आचार्य मुनीश जी एवं आचार्य हिमांशु जी द्वारा शास्त्रोक्त विधि विधान से कराया गया। आचार्य ब्रह्मस्वरूप जी ने कहा कि हमारे शास्त्रों में पूर्वजों का स्थान ईश्वर से भी सर्वोच्च बताया गया है। पितरों की संतुष्टि से परिवार में धन-धान्य, सुख-संपदा और आज्ञाकारी संतान का वास होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि पितृ पक्ष सहित प्रत्येक अमावस्या को तर्पण अवश्य करना चाहिए। आचार्य मुनीश जी ने कहा कि शास्त्र साक्षात ईश्वर की वाणी हैं और इन्हें जीवन पद्धति में अपनाकर ही श्रेष्ठ मानव जीवन संभव है। उन्होंने कहा कि पूर्वजों को स्मरण करना और अगली पीढ़ियों को उनके जीवन परिचय से अवगत कराना हमारी जिम्मेदारी है। जिलाध्यक्ष गजेन्द्र पाण्डेय ने समस्त उपस्थितजनों का धन्यवाद करते हुए कहा कि भारत की पहचान सनातन संस्कृति से है और हमें इस पर गर्व करते हुए इसे प्रचारित करना चाहिए। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से रमेश तिवारी, पुरुषोत्तम शर्मा, कौशल सारस्वत, ठाकुर राम कुमार सिंह चौहान, जगदीश चौहान, अमित शर्मा, विवेक उपाध्याय, बृज किशोर शर्मा, प्रमोद उपाध्याय, सुमित मिश्रा, राम निवास मिश्रा, काली चरण मिश्रा, प्रेम शंकर शर्मा, ठाकुर मुनेन्द्र सिंह चौहान, आनंद पाल सिंह चौहान, मोनू पाण्डेय, रामा शंकर शर्मा, अजय चतुर्वेदी सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।