विद्या भारती सप्त शक्ति संगम का भव्य समापन संपन्न
बरेली। स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर नैनीताल मार्ग बरेली में विद्या भारती ब्रज प्रदेश द्वारा आयोजित सप्त शक्ति संगम कार्यक्रम का समापन समारोह अत्यंत गरिमामय एवं प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में शिक्षा, सेवा, संस्कार, संगठन, समर्पण, स्वावलंबन एवं सामाजिक समरसता—इन सात शक्तियों के समन्वित प्रदर्शन ने उपस्थित जनसमूह को अभिभूत कर दिया।
समापन कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्रीमती रेनू गौड़( सदस्य राज्य महिला आयोग उत्तर प्रदेश) मुख्य वक्ता डॉ नीलम गुप्ता (प्रोफेसर बरेली कॉलेज बरेली) अध्यक्षा डॉ अजिता सिंह तिवारी (प्रोफेसर m.ed विभाग बरेली कॉलेज बरेली) ने दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन कर सरस्वती वंदना के साथ किया।

मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं अंग वस्त्र प्रदान कर किया गया। अपने उद्बोधन में मुख्य वक्ता डॉ नीलम गुप्ता प्रोफेसर बरेली कॉलेज बरेली ने कहा कि सप्त शक्ति संगम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक सशक्त पहल है। उन्होंने मातृशक्ति से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और अनुशासन को आत्मसात कर समाज को आदर्श नागरिक बनाने में सहयोग करें। कार्यक्रम की प्रस्तावना डॉक्टर अजिता सिंह तिवारी (प्रोफेसर बरेली कॉलेज बरेली) ने रखी। कार्यक्रम के अंतर्गत देशभक्ति गीत, सांस्कृतिक नृत्य एवं लघु नाटिकाओं की प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दी गईं।

सेवा प्रकल्पों, पर्यावरण संरक्षण, मातृशक्ति जागरण एवं सामाजिक समरसता से संबंधित प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। मुख्य अतिथि श्रीमती रेनू गौड़ ने कहा कि विद्या भारती का उद्देश्य केवल शैक्षिक उत्कृष्टता तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्कारित, चरित्रवान एवं राष्ट्रभक्त नागरिकों का निर्माण करना है। अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉक्टर अजिता सिंह तिवारी ने कहा सप्त शक्ति से ही घर परिवार ही नहीं राष्ट्र का भी परिवर्तन संभव हो सकता है इसके लिए पंच परिवर्तन जो संघ शताब्दी वर्ष में बताए गए हैं वह अति आवश्यक हैं। कार्यक्रम में उपस्थित बदायूं,पीलीभीत, शाहजहांपुर एवं बरेली से आई हुई समाज सेवी मातृशक्ति ने सप्त शक्ति के माध्यम से समाज जीवन के विविध आयामों में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प श्रीमती प्रियंका यादव ने करवाया। कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती नीलम मिश्रा ने किया। संपूर्ण आयोजन अनुशासन, भव्यता एवं राष्ट्र भाव से ओत-प्रोत रहा। सप्त शक्ति संगम ने समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हुए यह संदेश दिया कि संगठित शक्ति ही राष्ट्र को सशक्त एवं समृद्ध बना सकती है।
इस अवसर पर संपूर्ण आचार्या परिवार उपस्थित रहा।













































































