यूजीसी नेट और बीएड उत्तीर्ण हैं सीता, अलीगढ़ की रामलीला में दूसरी बार निभाएंगी किरदार
अलीगढ़। के रामलीला मैदान में चल रहे रामलीला महोत्सव में सीता का किरदार निभा रहीं आगरा के जयपुरिया हाउस की डॉली सुखनानी का कहना है कि भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से ही वे दूसरी बार अलीगढ़ आई हैं। सीता का धैर्य और त्याग उनके लिए प्रेरणास्रोत है।
यूजीसी नेट एवं बीएड उत्तीर्ण डॉली कहतीं हैं कि सीता के किरदार को निभाना किसी चुनौती से कम नहीं है। वे सीता का यादगार किरदार निभाने का पूरा प्रयास करेंगी। वे अपने किरदार से इस बार भी अलीगढ़ के दर्शकों का भरपूर आशीर्वाद बटोरने का प्रयास करेंगी। रामलीला समिति के पदाधिकारियों को दमदार अभिनय से प्रभावित करेंगी। उन्होंने कहा कि लोग उन्हें सीता के किरदार में स्नेह के साथ आदर सत्कार भी देते हैं। इससे खुशी मिलती है। भगवान राम और माता सीता के बीच जो प्यार है, वैसा हर पति और पत्नी के बीच होना चाहिए। तालियां और प्रोत्साहन उन्हें मंच पर शानदार अभिनय करने का हौसला देता है। उन्होंने बताया कि अब तक वे मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा समेत कई राज्यों और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में रामलीला मंचन में सीता का किरदार निभा चुकी हैं। जहां उन्हें दर्शकों का भरपूर स्नेह मिला है। उम्मीद है अलीगढ़ में भी उन्हें दर्शकों का वैसा ही स्नेह मिलेगा।
रामलीला में अहम किरदार निभा रहीं महिलाएं
रामलीला में पहले महिलाओं से जुड़े किरदार पुरुष ही निभाते थे, लेकिन अब महिलाएं मंचन की जिम्मेदारी उठा रही हैं। काैशल्या का किरदार निभा रहीं आशा का कहना है कि उन्हें बेहद अच्छा लगता है कि वे मुख्य किरदार निभा रही हैं। बोलीं-पांच वर्षों से रामलीला में अभिनय कर रही हूं। कैकेयी व सुंदरी का किरदार निभा रहीं बबली शर्मा का कहना है कि रामलीला महिला सशक्तिकरण का बेहतरीन मंच है। चार साल से सुमित्रा का अभिनय कर रहीं योगिता का कहना है कि इसमें परिवार का सहयोग मिल रहा है। पढ़ाई के साथ वो लीला का मंचन कर रहीं हैं। विश्वमोहिनी का किरदार निभाने वाली बबिता का कहना है कि उन्हें बेहद खुशी होती है कि उन्हें श्रीराम के जीवन पर आधारित लीला में अभिनय करने का मौका मिल रहा है।













































































