बरेली का गौरव : आईआईएसआर लखनऊ में गुरुजनों को समर्पित राष्ट्रीय सम्मेलन

बरेली। आईसीएआर–भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (IISR), लखनऊ में 23 अगस्त को “सतत विकास हेतु अंतःविषयक नवाचारः पर्यावरणीय, कृषि, जैविक एवं गन्ना विज्ञान में प्रगति (TISAEABSS–2025)” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। यह सम्मेलन विशेष रूप से स्वर्गीय प्रो. डी.पी. सिंह और प्रो. एस.के. द्विवेदी की स्मृति को समर्पित रहा। उल्लेखनीय है कि प्रो. द्विवेदी के सेवानिवृत्त होने पर परंपरागत विदाई पार्टी न कर, उनके शिष्यों ने राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित कर गुरु–शिष्य परंपरा की अद्भुत मिसाल पेश की। आयोजन की धुरी : डॉ. जसपाल सिंह सम्मेलन के आयोजन सचिव व समन्वयक डॉ. जसपाल सिंह (एसोसिएट प्रोफेसर, पर्यावरण विज्ञान विभाग, बरेली कॉलेज) रहे। साथ ही वे EAES सोसायटी, बरेली के संरक्षक भी हैं। डॉ. सिंह ने कहा— “यह सम्मेलन हमारे गुरुओं की स्मृति और योगदान को समर्पित है, जिन्हें शब्दों से नहीं बल्कि अनुसंधान व शैक्षणिक उपलब्धियों से सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती है।” 400 से अधिक प्रतिभागी सम्मेलन में देशभर से आए 400 से अधिक शोधार्थियों, वैज्ञानिकों और प्राध्यापकों ने भाग लिया। 50 से अधिक प्रतिभागियों ने अपने शोध-पत्र एवं पोस्टर प्रस्तुत किए। सहयोगी संस्थाएँ यह आयोजन EAES सोसायटी, बरेली एवं एसोसिएशन फॉर इंडियन क्रिप्टोगैम्स, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। इसमें बरेली कॉलेज, बरेली और आईसीएआर–IISR लखनऊ का विशेष सहयोग रहा। आयोजन समिति ,सह संरक्षक : प्रो. ए.पी. सिंह ,संयोजक : प्रो. राजेंद्र सिंह ,आयोजन सचिव : डॉ. अनामिका अग्रवाल ,कोषाध्यक्ष : डॉ. गौरव भूषण ,सदस्य : डॉ. योगेश शर्मा, डॉ. राजेश गंगवार ,अवार्ड एवं सम्मान Founder of Environmental Science Education Award : प्रो. ए.पी. सिंह लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड : प्रो. राजेंद्र सिंह ,Contribution to Society & Education Award : श्रीमती आकांक्षा (डाइट फरीदपुर) ,बेस्ट लाइब्रेरियन अवॉर्ड : डॉ. योगेश शर्मा ,Outstanding Research Scholar Award : अंजलि, अफरी जुल्फिकार, मुकेश कुमार, नीरज कुमार, मंजीत सिंह, हर्षित तिवारी, करुणाकर रत्नाकर ,बेस्ट इन्वायर्नमेंटल क्लीनलिनेस अवॉर्ड : रामबीर शर्मा (पर्यावरण बाबा) ,टेक सपोर्ट एक्सीलेंस अवार्ड : अभिषेक गौतम, प्रदीप राणा, दिनेश कुमार,बरेली का मान ,यह सम्मेलन इस तथ्य का प्रमाण बना कि बरेली कॉलेज न केवल शिक्षा व शोध का प्रमुख केंद्र है, बल्कि गुरु–शिष्य परंपरा को संजोते हुए राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है।