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Uttar Pradesh

साहिबाबाद में यूपीसीडा की बड़ी पहल: समावेशी और दूरदर्शी औद्योगिक विकास की ओर एक सशक्त कदम

June 26, 2025By admin0 comments
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गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को आधुनिक, समावेशी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुकूल बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है। प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के तहत यूपीसीडा सामाजिक उत्तरदायित्व और अधोसंरचना उत्कृष्टता को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है।

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इसी क्रम में, यूपीसीडा ने साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में दो महत्त्वपूर्ण पहलों की शुरुआत की है—

‘श्रमिक सुविधा केंद्र’ – औद्योगिक श्रमिकों की सुविधा हेतु एक अनूठा और अभिनव प्रयास है। श्रमिकों एंव उद्मियों को पहचान दिलाने हेतु एक नवाचार प्रदेश की औद्योगिक पहचान और प्रगति का प्रतीक है।

ये पहल यूपीसीडा की समग्र दृष्टिकोण को दर्शाती हैं, जिसमें ‘लोग, स्थान और प्रगति’ को विकास के केंद्र में रखा गया है।

श्रमिक सुविधा केंद्र: श्रमिक-केन्द्रित अधोसंरचना की नई मिसाल

यूपीसीडा द्वारा साहिबाबाद में एक वर्कर कम्फर्ट सेंटर की स्थापना की गई है।

मुख्य विशेषताएं:

एयर कूलिंग सिस्टम: अत्यधिक गर्मी में राहत देने वाली व्यवस्था, विशेष रूप से निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिकों के लिए उपयोगी।

स्वच्छ पेयजल और शौचालय: स्वच्छ भारत मिशन के अनुरूप स्वच्छता और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाली सुविधाएं।

प्राथमिक उपचार और अग्नि सुरक्षा: आपातकालीन स्थितियों में त्वरित राहत हेतु।

मोबाइल चार्जिंग सुविधा: श्रमिकों की कनेक्टिविटी बनाए रखने में सहायक।

24×7 सीसीटीवी निगरानी: सुरक्षा, अनुशासन और विशेष रूप से महिला सुरक्षा के लिए।

श्रमिक सुविधा केंद्र में श्रमिक औद्योगिक एवं लेबर विश्राम से जुड़ी परियोजनाओं एवं उनसे संबंधित फार्म इत्यादि को प्राप्त कर सकते हैं।

सुविधा केंद्र की शुरुआत साहिबाबाद से किया गया है, जिसे आगे यूपीसीडा के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा।

गिग वर्कस के लिए यह केंद्र विश्रामालय के रुप में उनको आराम देगा। गिग इकोनॉमी के रुप में श्रमिक 24×7 कार्यों में गतिमान रहते हैं। अत: औद्योगिक क्षेत्र में यह केंद्र उनके लिए प्रदेश भऱ में पहला गिग वर्कर्स फैसिलिटी सेंटर के रूप में स्थापित किया जा रहा है।

गिग इकोनॉमी एक ऐसी कार्य प्रणाली है, जिसमें लोग फुल-टाइम नौकरी की बजाय ऐप-आधारित या प्लेटफ़ॉर्म-आधारित कार्य करते हैं। इन गिग वर्कर्स को 24×7 कार्यरत रहना पड़ता है, जिससे उन्हें कार्यस्थल के पास सुविधाजनक विश्राम स्थलों की आवश्यकता होती है। इन्हीं जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, यूपीसीडा द्वारा साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में प्रदेश का पहला गिग वर्कर्स फैसिलिटी सेंटर स्थापित किया गया है—जो गिग इकोनॉमी में सक्रिय श्रमिकों के लिए एक समर्पित है।

यूपीसीडा के सीईओ मयूर माहेश्वरी ने कहा: “औद्योगिक विकास तब तक पूर्ण नहीं माना जा सकता, जब तक श्रमिकों की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित न की जाए। यह पहल एक स्वस्थ, सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण की दिशा में सार्थक कदम है।”

औद्योगिक पहचान और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक

साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र की दृश्य और सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करने हेतु यूपीसीडा ने साइट-IV, साहिबाबाद में एक भव्य मूर्ति की स्थापना की है। यह मूर्ति सिर्फ एक सजावटी संरचना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्रांति और आत्मविश्वास की प्रतीक है।

कलात्मक एवं संरचनात्मक विशेषताएं:

सामग्री: फाइबर रिइन्फोर्स्ड पॉलिमर (FRP) और माइल्ड स्टील (MS) फ्रेम।

डिज़ाइन: मैट ब्लू पेटिना फिनिश— नवाचार और स्थिरता का प्रतीक।

व्यापक लाभ:

साहिबाबाद को एक नई पहचान मिलती है— औद्योगिक मानचित्र पर अधिक सुलभ और प्रतिष्ठित।

निवेशकों में विश्वास और आकर्षण बढ़ता है।

स्थानीय उद्यमियों, एमएसएमई और श्रमिकों के बीच गर्व और जुड़ाव की भावना।

यूपीसीडा के ‘इंडस्ट्रियल ब्रांडिंग और प्लेस-मेकिंग’ दृष्टिकोण को बल मिलता है।

सीईओ, यूपीसीडा, मयूर माहेश्वरी ने कहा: “यह मूर्ति यूपीसीडा के उस विज़न की अभिव्यक्ति है, जिसमें अधोसंरचना, नवाचार और पहचान को एक सूत्र में पिरोया गया है। यह नया उत्तर प्रदेश के आत्मविश्वास और विकास की कहानी बयां करती है।”

समग्र दृष्टिकोण: यूपीसीडा की दूरदर्शी औद्योगिक रणनीति

‘श्रमिक सेवा केंद्र’ और ‘औद्योगिक मूर्ति’— दोनों पहलें इस बात का प्रमाण हैं कि यूपीसीडा केवल अधोसंरचना नहीं, बल्कि सामाजिक मूल्य, गरिमा और पहचान का भी निर्माण कर रहा है।

निष्कर्ष: भविष्य के उत्तर प्रदेश की ओर एक प्रेरणादायी कदम

साहिबाबाद में यूपीसीडा की ये परियोजनाएं राज्य में एक नए तरह के औद्योगिक प्रशासन की नींव रखती हैं— ऐसा प्रशासन जो समावेशी, दूरदर्शी और जन-हितैषी है। यह रणनीति उत्तर प्रदेश को एक अत्याधुनिक, सुरक्षित और निवेश-प्रेरक औद्योगिक गंतव्य के रूप में स्थापित करेगी।

मोहित त्यागी

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