शाहजहांपुर में भारतीय वायुसेना के जंगी जहाजों ने गंगा एक्सप्रेसवे पर अपनी ताकत दिखाई

शाहजहांपुर। गंगा एक्सप्रेसवे पर साढ़े तीन किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी बनाई गई है। यह देश की पहली ऐसी हवाई पट्टी है, जहां वायुसेना के लड़ाकू विमान दिन और रात में उतर सकेंगे। भारतीय वायुसेना के जंगी जहाजों ने शुक्रवार को गंगा एक्सप्रेसवे पर अपनी ताकत दिखाई। शाहजहांपुर स्थित साढ़े तीन किलोमीटर एयर स्ट्रिप पर राफेल, मिराज और जगुआर ने एयर शो किया। इन लड़ाकू विमानों ने गंगा एक्सप्रेसवे पर टच एंड गो प्रैक्टिस की। इस एयर शो का उद्देश्य युद्ध या आपदा के समय इस एक्सप्रेसवे को वैकल्पिक रनवे के रूप में इस्तेमाल करना है। मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाले निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे का बदायूँ से लेकर प्रयागराज तक 464 किलोमीटर के एक्सप्रेसवे का निर्माण अग्रणी औद्योगिक समूह अदाणी ग्रुप के द्वारा किया जा रहा है। उन्नत मशीनों और तकनीकी से लैस कुशल तकनीशियनों से दक्ष इंजीनियरो की टीम एक्सप्रेस वे को मूर्त रूप देने में तत्परता से जुटी है ।

अदाणी समूह बदायूं से हरदोई तक 151.7 किमी, हरदोई से उन्नाव तक 155.7 किमी और उन्नाव से प्रयागराज तक 157 किमी के तीन समूहों का निर्माण कर रहा है, जिसे आठ लेन तक बढ़ाया जा सकता है। गंगा एक्सप्रेस का लगभग 80 प्रतिशत से ऊपर काम पूरा हो गया है। उन्नत मशीनों और तकनीकी से लैस कुशल तकनीशियनों से दक्ष इंजीनियरो की टीम एक्सप्रेस वे को मूर्त रूप देने में तत्परता से जुटी है । डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और हस्तांतरण (डीबीएफओटी) के आधार पर लागू होने वाला यह भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है । अदाणी समूह उत्तर प्रदेश में छह लेन के एक्सप्रेसवे का निर्माण कर रही है जिसे आठ लेन तक बढ़ाया जा सकेगा । इसकी रियायत की अवधि 30 वर्ष होगी। “भारत के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण का यह टास्क, देश के लिए जटिल, विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के प्रबंधन में अदाणी समूह की क्षमता और निष्पादन की गति का और सबूत है ।” फिलहाल अभी अदाणी समूह के पास 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 13 ऐसे प्रोजेक्ट हैं जिनके तहत पांच हजार किमी से ज्यादा की सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। जो नौ राज्यों – छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, केरल, गुजरात, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तर प्रदेश में फैला हुआ है।