मजदूर दिवस पर प्रदेश में छुट्टी, कर्मचारियों की नियमित रोजगार देने की मांग की

बरेली। आंबेडकर पार्क में मजदूर दिवस का आयोजन शानदार तरीके से किया गया,सैकड़ों की संख्या में श्रमिक और कर्मचारियों ने भागीदारी की कुछ संगठन रैली के रूप में अंबेडकर पार्क पहुंचे, कार्यक्रम की शुरूआत जोशीले तरानों से की गई अपने आरंभिक संबोधन में अध्यक्ष मुकेश सक्सेना ने कहा कि आर्थिक उदारीकरण की नीतियों के बाद मजदूरों और कर्मचारियों की स्थिति खराब हुई है काम के घंटे जो कानूनी रूप से आठ ही हैं उनको बढ़ाने की मांग लगातार पूंजिपतियों द्वारा की जा रही है मजदूर वर्ग को इसके खिलाफ और अधिक मुखर होने और इसका पुरजोर विरोध जारी रखने की जरूरत है।
महामंत्री संजीव मेहरोत्रा ने कहा कि श्रम ब्यूरो के हाल में जारी आंकड़ों के अनुसार केवल 7% भारतीय श्रमिक संगठित क्षेत्र में शेष हैं और 83% कार्यबल असंगठित क्षेत्र में हैं गीग इकनॉमी के उभार से स्थिति और जटिल हो गई है आज की अर्थ व्यवस्था में कामगारों को संगठित करने और नए तेवर से आगे लाने की कोशिश जारी है। उप महामंत्री गीता शांत ने कहा के आउट सोर्सिंग ठेका प्रथा संविदा की व्यवस्था निजीकरण की देन है आगामी 20 मई की देशव्यापी हड़ताल इस व्यवस्था के खिलाफ होने जा रही है उन्होंने आवाहन किया कि आंदोलनों के जोश और आवेग को बढ़ा कर ही इस पूंजीवादी व्यवस्था से लड़ा जा सकता है।
उपाध्यक्ष ध्यान चन्द्र मौर्य ने कहा कि असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों/श्रमिकों की स्थिति दिन प्रतिदिन बदतर हो रही है उन्होंने बाजारवाद को मजदूर विरोधी बताया और कामगारों को संघर्ष का रास्ता अपनाने पर जोर दिया यूनियन बैंक स्टाफ एसोसिएशन के महामंत्री पी के महेश्वरी ने विभागों में खाली पड़े पदों को भरने और अस्थाई सभी कर्मचारियों की नियमित रोजगार देने की मांग रखी। डॉ अंचल अहरी और डॉ मुनीश गंगवार ने पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग की और सरकार से अपने हठधर्मी रवैया को छोड़ने का आवाहन किया कार्यक्रम का संचालन ललित चौधरी ने किया और उन्होंने महंगाई बेरोजगारी और ठेकाकरण के खिलाफ जम कर संघर्ष का आवाहन किया. उन्होंने कहा कि मई दिवस के शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम उनके द्वारा तय संघर्ष के मार्ग को अपनाए, तमाम अन्य वक्ताओं ने भी मजदूर दिवस के संबंध में अपने विचार रखे जिसमें सर्व राजेंद्र सिंह,,जितेंद्र मिश्रा,सलीम अहमद,अमीर खा, टी डी भास्कर,अवतार सिंह,शैलेंद्र,मिशन पाल,मुशर्रफ अली, प्रवीण राठौड़, एस के गुप्ता चरण सिंह यादव हरि शंकर,के पी सिंह,अमित कुमार दिनेश सक्सेना,मो फैसल,कैलाश , मोहित,दिशा, निशा आदि शामिल रहे।