चार रोज़ा उर्स ए मोहम्मदी के दूसरे दिन सुबह बाद नमाज़ फ़जर कुरान ख़्वानी हुई

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बरेली। आस्ताना ए आलिया मोहम्मदीया (दरगाह वली मियां) में कुतुबुलअक़ताब किब्ला अल्हाज अश्शाह मौलाना वली मोहम्मद‌ रहमतुल्लाह अलैह (वली मियां) के चार रोज़ा उर्स ए मोहम्मदी के दूसरे दिन सुबह बाद नमाज़ फ़जर कुरान ख़्वानी हुई । इस से कब्ल हज़रत वली मियां रहमतुल्लाह अलैह के विसाली कुल शरीफ़ की रस्म अदा की गई, प्रोग्राम का आग़ाज़ कारी गुलाम यासीन ने कलाम ए पाक की किलावत से किया। हाफ़िज़ अफ़ज़ाल खान ने हज़रत वली मियां रहमतुल्लाह अलैह की सीरत पर रोशनी डाली । फ़ारूक मदनापुरी,मोहम्मद कैफ,नवेद मोहम्मदी,फ़ाज़िल मोहम्मदी आदि ने हज़रत वली मियां की शान में मन्क़बत पढ़ी, ठीक 4 बजे (25 अप्रैल) सुबह फ़ातिहा हुई और हज़रत वली मियां रहमतुल्लाह रहमतुल्लाह अलैह के कुल शरीफ़ की रस्म अदा की गई, फ़ातिहा के बाद दुआ हुई, इसके बाद सभी ने मज़ार शरीफ़ पर हाज़िरी दी।‌ इस मौके पर ताहिर जमाल, सय्यद नाज़िर अली (चाँद), इकबाल प्रधान,‌‌महबूब अली,‌नवेद उल्लाह,मोहम्मद शाकिर,मोहम्मद अयूब,सलीम खान, मोहसिन इरशाद,इलियास,फ़िरासत,रियासत आदि मौजूद रहे। दिन में जगह जगह से ज़ायरीन चादरों का जुलूस लेकर पहुंचे। इसी कड़ी में भोजपुर(मुरादाबाद) से मोहम्मद हुसैन की कयादत में 60 लोगों का काफ़िला दरगाह पहुंचा जिसमें तनवीर अहमद,खालिद, तंज़ीम,सरफ़राज़,तजम्मुल,आज़म आदि ने मज़ार मुबारक पर चादर पेश की। र त बाद नमाज़ इशा(9 pm) प्रोग्राम का आग़ाज़ कलाम पाक की तिलावत से किया गया, हज़रत मुफ़्ती मुजीब बरकाती साहब ने अपने खुसूसी ‌ख़िताब में कहा‌ कि इस वक्त आम तौर पर मुस्लिम मोआशरे की जो सूरत ए हाल है जो किसी से पोशीदा नहीं है। सबसे अहम इबादत नमाज़ से गफ़लत आम है नशा बाज़ी,जुआ सट्टा,और तरह-तरह की मुगर्रब अख़लाक़ और तबाकुन आदतों में मोआशरे का बड़ा तबका मुब्तिला है । शादी के मौके पर फ़िजूलखर्ची दहेज और भी गलत रस्मों की पाबंदी की वजह है कितने घराने तबाह हो रहे हैं, मल्टीमीडिया मोबाइल के गलत इस्तेमाल से नौजवान तबका बेहायई और फ़हाशी का शिकार हो रहा है। घरों में एक दूसरे के हुकूक की अदायगी में कोताही हो रही है ये और इस जैसी मुता अद्दत अमली और अख़लाक़ी ख़राबियों में मुस्लिम मुआशरा तबाह हो रहा है। मुरादाबाद से तशरीफ़ लाए‌ हज़रत मुफ़्ती नसीमुद्दीन साहब ने अपने ब्यान में‌ फ़रमाया कि ख़ौफ़े ख़ुदा के साथ सोहबत औलिया भी बहुत ज़रूरी है सोहबत ए औलिया नेकियों का ज़रीया बनता है। तक़ारीर के बाद ठीक रात 12 बजे सलात व सलाम पढ़ा गया सज्जादानशीं अल्हाज अनवर मियां ने दुआ ए खै़र फ़रमाई ” मीडिया प्रभारी सय्यद नाज़िर अली( चाँद) ने बताया कि उर्स ए मोहम्मदी में कल सुबह 26 अप्रैल कुरान ख़्वानी होगी दिन में चादरों के आने का सिलसिला रहेगा और बाद नमाज़ इशा तरहई मुशायरा होगा जिसका मिसरा तरह है ‘बैठे हैं ताजदारे हरम के करम से हम’ जिसकी निज़ामत ख़ालिद नदीम बदायूंनी और सदारात सज्जादानशीं अनवर मियाँ हुज़ूर करेंगे।

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