बदायूं में जेम्स मीट में मेडिकल कॉलेज की यादों संग हंसी-ठहाकों का संगम
बदायूं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर से एमबीबीएस करने वाले तथा बदायूँ में अपनी सेवाएँ दे रहे चिकित्सकों का जेम्स मीट (GEMS meet) के माध्यम से मिलन समारोह आयोजित किया गया। बदायूँ के होटल फोर लीफ में पहली बार गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज, कानपुर अर्थात जी० एस० वी० एम० के पूर्व छात्रों की एसोसिएशन जेम्स (GEMS) की बदायूँ शाखा के सभी चिकित्सकों ने परिवार सहित अपने मेडिकल कॉलेज की परंपराओं तथा यादों को ताजा करते हुए अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ बढ़े ही सुव्यवस्थित तरीके से जेम्स मीट 2025 का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत बदायूँ के सबसे वरिष्ठ जेम्स डॉ० हबीब अहमद, डॉ० अनिल श्रीवास्तव, डॉ० ए० के० वर्मा, डॉ० अमित वार्ष्णेय, डॉ० शरद गुप्ता, डॉ० वागीश वार्ष्णेय तथा अन्य जेम्स चिकित्सकों ने महान पत्रकार तथा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले एवं कानपुर में 25 मार्च, 1931 को शहीद होने वाले स्वर्गीय गणेश शंकर विद्यार्थी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम के मुख्य आयोजक जेम्स डॉ० राजेश कुमार वर्मा ने कार्यक्रम में आये सभी चिकित्सकों का पैरा बैज लगाकर एवं स्ट्रॉल पहनाकर स्वागत किया ।

उन्होंने बताया गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, कानपुर की स्थापना1956 में हुई थी और कानपुर मेडिकल कॉलेज की एक अनूठी परंपरा है कि यहां एम० बी० बी० एस० बैच के सत्र को प्रवेश के वर्ष के बदले पैरा से पहचाना जाता है। उन्होंने समझाया कि 1956 में एम० बी० बी० एस० के प्रथम बैच को पैरा ए (Para A) के रूप में पहचाना गया जिसके बाद क्रमश A से Z एवं उसके बाद A1 से Z1 इत्यादि के रूप में पहचाना गया। इस परंपरा के मुताबिक वर्ष 2025 में एम० बी० बी० एस० का पैरा टी 2 (Para T 2) प्रवेश लेगा। डॉक्टर राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि इस समय बदायूँ में जी० एस० वी० एम० मेडिकल कॉलेज, कानपुर के वरिष्ठतम चिकित्सक पैरा एम के उझानी निवासी डॉक्टर हबीब अहमद से लेकर पैरा आई 2 के जिला चिकित्सालय, बदायूँ में कार्यरत डॉ० प्रदीप श्रीवास्तव तक के कुल 34 प्राइवेट एवं सरकारी चिकित्सक कार्यरत हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज, बदायूँ के नेत्र रोग विशेषज्ञ जेम्स डॉ राजेश शाक्य ने स्वर्गीय गणेश शंकर विद्यार्थी जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, कानपुर के बारे में अपना वक्तव्य दिया।
इस औपचारिक शुरुआत के बाद सभी चिकित्सकों ने परिवार सहित कई सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये।



पैरा ई वन के डॉक्टर ए० के० वर्मा, पैरा जे वन के डॉक्टर अमित वार्ष्णेय तथा डॉक्टर शरद गुप्ता, पैरा एन वन के डॉक्टर वागीश वार्ष्णेय, पैरा डब्लू वन के डॉक्टर राजवीर गंगवार, पैरा जी टू के डॉक्टर टिंकू सिंह, पैरा ज़ेड वन के संदीप वार्ष्णेय ने अपनी जीवनसंगिनी के साथ बेहद मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। पैरा यू वन के डॉक्टर नवनीत कुमार, पैरा सी टू के डॉक्टर नरेंद्र पटेल तथा पैरा डब्लू वन के डॉक्टर आदित्य गुप्ता ने जी० एस० वी० एम० मेडिकल कॉलेज , कानपुर की पुरानी परंपराओं जैसे सात नम्बरी, तेरह नम्बरी, नाम-काम-धाम तथा रैगिंग का नाट्य मंचन कर कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। पैरा एन वन के डॉक्टर गणेश यादव, पैरा यू वन के डॉक्टर रिशिम अग्रवाल, पैरा बी टू के डॉक्टर प्रशांत माहेश्वरी, पैरा डी टू के डॉक्टर नीतेश, पैरा जी टू के डॉक्टर अरविंद पुरी तथा पैरा एच टू के डॉक्टर कैलाश ने एम० बी० बी० एस० प्रथम वर्ष के हॉस्टल जीवन पर एक हास्य नाटक प्रस्तुत किया जिस पर सभी ने हंसी-ठहाकों के साथ खूब तालियां बजायीं। चिकित्सकों के बच्चों ने भी नृत्य तथा गायन के कई सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। इस जेम्स मीट की सांस्कृतिक सचिव डॉक्टर रश्मि दीप गंगवार द्वारा सभी बच्चों को उपहार देकर उनको प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में शामिल सभी जेम्स चिकित्सकों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर राजेश कुमार वर्मा तथा डॉक्टर राजवीर गंगवार द्वारा किया गया। कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक डॉक्टर हबीब अहमद ने कार्यक्रम के सफल आयोजन की प्रशंसा करते हुए सभी को अपने आशीर्वचन देकर कार्यक्रम का समापन किया।













































































