बरेली। किसान एकता संघ का एक प्रतिनिधिमंडल किसान नेता डॉ रवि नागर के नेतृत्व में सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में इकट्ठे होकर पार्क से प्रदर्शन करते हुए जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचे और सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया । किसान नेता डॉक्टर रवि नागर ने मांग की है की रामगंगा बैराज बदायूं सिंचाई परियोजना को प्रारंभ हुऐ लगभग 10 वर्ष पूर्ण हो गए हैं। जिसको लेकर किसान एकता संघ पिछले एक वर्ष से आदोलन कर रहा है। लेकिन अभी तक उसमें कोई सुनवाई नहीं हुई है। जिससे लाखों किसानों को पहुंचने वाला लाभ से किसान वंचित है। बीडीए द्वारा रामगंगा के पार अधिग्रहित किए गए गांवो के किसानों को उचित मुआवजा का आश्वासन तो बरेली विकास प्राधिकरण ने दिया है। किंतु किसानों की जमीन लेने के बाद और उन्हें क्या सुविधा दी जाएगी यह अभी तक विकास प्राधिकरण ने स्पष्ट नहीं किया है। किसानों को अधिग्रहित भूमि का 10% विकसित भूखंड दिया जाना चाहिए। स्कूल, कॉलेज या अस्पताल में जिन किसानों की जमीन गई है। उनमें रोजगार की व्यवस्था की जानी चाहिए, 300 बेड हॉस्पिटल में सरकार का मोटा पैसा खर्च हुआ है किंतु उसमें चिकित्सा सेवाए पूर्ण तरीके से उपलब्ध नहीं है उनमें चिकित्सीय सेवाएं दुरुस्त की जानी चाहिए। गन्ना किसानों का बरेली की कई चीनी मिलों पर बड़ा भुगतान अटका हुआ है जिसको लेकर किसान एकता संघ सहित विभिन्न किसान संगठन आंदोलनरत हैं। किंतु किसानों की मेहनत की कमाई का अभी तक मिलों ने भुगतान नहीं किया है जो किसानों के साथ अन्याय है। हमारी मांगे पूरी नहीं ही तो किसान एकता संघ किसान हित में 26 मार्च को रामगंगा से कलेक्ट्रेट बरेली तक पदयात्रा कर रोष व्यक्त करने के लिए मजबूर होगा।