अक्रिय धाम स्थित शिव अखिलेश्वर मंदिर में शिव प्रतिमा का प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम हुआ

पीलीभीत। खमड़िया पुल स्थित परम अक्रिय धाम स्थित शिव मांदिर में विशाल शिवलिंग क़ी प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम अलग अलग स्थानों से आये विद्वान आचार्यओं द्वारा मंत्रो के जाप के साथ प्रारम्भ किया गया।इस कार्यक्रम का आयोजन महामंडलेश्वर 1008 स्वामी प्रवक्तानंद विधायक बरखेड़ा के द्वारा कराया जा रहा हैँ। उन्होंने बताया कि ये कार्यक्रम 13 फ़रवरी से 17 फरवरी तक चलेगा और प्राण प्रतिष्ठा क़ी समस्त पारम्परिक प्रक्रियाओं का विधिवत पालन किया जाएगा। इस कार्यक्रम कों लेकर स्वामी प्रवक्तानंद काफी उत्साहित और ऊर्जावान हैँ। प्रधान यजमान अमृतलाल जो कि पीलीभीत ही नहीं आस पास के जिलों के भी जाने माने समाजसेवी हैँ नें इस कार्यक्रम में प्रधान यजमान बनाये जाने कों अपना सौभाग्य बताते हुए कहा कि इससे पीलीभीत कों एक नयी पहचान मिलेगी। उन्होंने महा मंडलेश्वर स्वामी प्रवक्तानंद कों शुभकामनायें देते हुए उन्हें अखिलेश्वर मांदिर क़ी स्थापना करने पर शुभकामनायें देते हुए हार्दिक प्रकार का सहयोग करने क़ी बात कही। अमृतलाल ने कहा कि पीलीभीत का सौभाग्य है कि यहां के स्वामी भक्त रणजी को महामंडलेश्वर का उत्तरदायित्व मिला है जो कि किसी भी जिले के लिए बहुत ही बड़े सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि इससे पीलीभीत को आध्यात्मिक और धर्म के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।
कार्यक्रम का प्रारम्भ कलश पूजन के साथ शुरू हुआ और फिर सभी यजमान मातृ शक्ति अपने सर पर कलश रखकर पास में बहने वाली नदी से पवित्र जल लेकर कलश यात्रा निकालकर मांदिर पहुंचे जहाँ पवित्र जल से विशाल शिवलिंग को जल अर्पित किया गया। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में शहर के जाने मैने समाजसेवी अमृत लाल व उनकी धर्म पत्नी मीना अग्रवाल प्रधान यजमान रहेंगे और समस्त प्रक्रियाओं में सहभागी रहेंगे। उनके अलावा 25 और सनातनियों कों यजमान बनाया गया हैँ।
कार्यक्रम का समापन 17 फरवरी कों शोभा यात्रा व भंडारे के साथ समापन होगा। शुक्रवार के कार्क्रम में अमृतलाल व उनकी पत्नी प्रधान यजमान रहे, उनके साथ ही डॉ नरेन्द्र बालियान, डॉ प्रेम सागर शर्मा, हरपाल वर्मा, चंद्रपाल, अजय सिंह, अमित कुशवाहा, प्यारे लाल कश्यप, संजीव गंगवार, सचिन रस्तोगी, अजय गोयल, महेन्द्र सोनकर, दिनेश गुप्ता, तथा भगवान दास गुप्ता समेत सभी 25 यजमान अपनी धर्म पत्नियों के साथ धार्मिक कार्यक्रम में भाग लिया। इनके अलवा बहुत सारे सनातनी इस महाकार्य के साक्षी बनने कों उपस्थित रहे।