बदायूं । बदायूं से दो बार सपा से सांसद रहे धर्मेंद्र यादव (अब आजमगढ़ सांसद) के खिलाफ एडीजे/एमपीएमएलए कोर्ट में शुरू हुए अपीलीय वाद में शनिवार को उनके अधिवक्ता जगत सिंह यादव उनकी तरफ से कोर्ट में हाजिर हुए। इस मुकदमे में साल 2022 में सपा से सदर विधानसभा सीट के प्रत्याशी रहे हाजी रईस अहमद भी नामजद थे। ऐसे में सांसद धर्मेंद्र यादव के अधिवक्ता ने उनकी ओर से भी हाजिरी लगाई। जबकि बाकी के आरोपियों को कोर्ट से नोटिस जारी किया गया है। इस मामले में अब अगली सुनवाई 10 जनवरी को होगी। दरअसल, यह मुकदमा सिविल लाइंस थाने में साल 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान दर्ज हुआ था। इसमें धर्मेंद्र यादव समेत 37 लोग नामजद थे। नामजदों में सपा प्रत्याशी हाजी रईस भी शामिल थे। मुकदमे के वादी तत्कालीन एसडीएम बदायूं एसपी वर्मा थे। इसमें बिना अनुमति के सभा करना, आचार संहिता का उल्लंघन व कोविड अधिनियम का उल्लंघन आदि आरोप लगाए गए थे। हालांकि पुलिस की तफ्तीश में आठ लोगों की नामजदगी झूठी पाई गई थी। जबकि 29 लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई। मामले में ट्रायल के बाद 28 जून 2024 को सभी आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया था। जबकि इसके बाद शासकीय अधिवक्ता ने मामले में अपील की अनुमति शासनस्तर से मांगी तो वहां से अनुमति मिलने के बाद उस मामले में पुनः सुनवाई के लिए अपील की। इस अपील को एडीजे/एमपीएमएलए कोर्ट में सुनवाई के लिए रखा गया है। मुकदमा एमपीएमएलए कोर्ट से बरी हो चुका है। सरकार की ओर से अपील हुई है। आज नोटिस जारी हुआ था। इसलिए मैं धर्मेंद्र यादव व हाजी रईस की ओर से कोर्ट में पेश हुआ। इसमें 17 गवाह बने थे, जिनमें अधिकांश होस्टाइल थे। मामला अपील योग्य नहीं था, इसमें कैपिटल रिपोर्ट जाना चाहिए थी लेकिन अपील हो गई है तो पत्रावली का अवलोकन करके कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे।