सुन्दर कांड एवं हवन पूजन के साथ किया नव वर्ष का स्वागत
बरेली। पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी ऑल इंडिया रियल फॉर कल्चरल एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी , मां गंगा बचाओ वेलफेयर सोसाइटी, महिला कल्याण समिति के संयुक तत्वावधान मे अंग्रेजी नव वर्ष की पावन बेला पर नववर्ष महोत्सव 2025 के अंतर्गत संगीतमय सुंदरकांड का आयोजन ,प्राचीनतम बाबा श्री विश्वनाथ मंदिर निकट बैकमा हाऊस, बरेली के प्रागंण में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रजनीश सक्सेना के नेतृत्व में एवं आशीष प्रधान के संयोजन में किया गया।इस अवसर पर पंडित ब्रजेश भारद्वाज एवं साथियों के द्वारा संगीतमय सुंदर कांड ,हवन पूजन भजन संध्या के माध्यम से शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर गणमान्य अतिथियों में विभाग प्रचारक, धर्म जागरण समन्वय अमर सिंह परमार,शिव कुमार बरतरियां, गुलशन आनंद,सी एल शर्मा,अनुपम कपूर,नीरज शर्मा,पार्षद शालिनी जौहरी,सुरेंद्र रस्तोगी, डॉ.मुरली मनोहर अग्रवाल, डॉ.मनोज गुप्ता,सी ए विनीश अरोरा आदि ने उपस्थित जनों को धर्म की महत्ता क्यों और कैसे विषय पर रूबरू कराते हुए सभी को नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं।

संचालन प्रदेश संयोजक सचिन श्याम भारतीय ने किया। इस अवसर पर संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रजनीश सक्सेना ने कहा कि नव वर्ष नई ऊर्जा और का प्रतीक है सुन्दर कांड एवं हवन पूजन का आयोजन हमारी भारतीय संस्कृति एवं परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं यह हमारी सकारात्मकता और एकजुटता को बढ़ावा देता हैं। सभी ने एक दूसरे को आने वाले नव वर्ष में शांति, सौभाग्य, स्वास्थ्य,सम्पन्नता, और सामाजिक उन्नति के लिए बधाई दी। मातृ शक्ति ने आयोजन में सक्रिय सहभागिता की।इस अवसर पर धार्मिक आयोजनों में सहभागिता निश्चित ही हमें आंतरिक शक्ति प्रदान करती है तथा साथ ही हमारे परिवार के बच्चों को धर्म से जोड़े रखने के लिए अति आवश्यक है का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम में डॉ रजनीश सक्सेना,आशीष प्रधान ,जीतेश राज पीलीभीती,प्रतिभा जौहरी,आरव सक्सेना अंशु, श्वेता प्रधान, दिव्यांश प्रधान, नव्यांश प्रधान, रोहित सक्सेना, प्रियंका सक्सेना, विनय सक्सेना,अंजलि सक्सेना, राहुल कुमार सिंह,उत्तम सक्सेना,सौरभ सक्सेना ,आरती सक्सेना,हरजीत कौर,गिरीश सक्सेना, शालू सक्सेना, रचना सक्सेना, नीलम, रूबल, वीर, भगवान दास, शिवा, समर, युक्ति, राशि, शिवाय, मिस्टी, वंशिका, किंजल अग्रवाल, अनुष्का अग्रवाल,भगवती पाल,सौरभ सक्सेना, रेनू गुप्ता,गुड्डी,अशोक सचान आदि ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। अंत में भव्य आरती का उपरांत प्रसाद वितरण किया गया।













































































