बदायूं के नेपाली बाजार के दुकानदारों से भंडारे के नाम पर 20 हजार रुपये ठगे
बदायूं उत्तर प्रदेश की जनपद बदायूं में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है सर्दियों के मौसम में हर वर्ष लगने वाले नेपाली बाजार से भंडारे के नाम पर ठगों ने नेपाली लोगों को बनाया अपनी ठगी का शिकार 100 कदम के फासले पर मंदिर पर नहीं हो रहा था कोई भी भंडारा तीनों ठग सीसीटीवी कैमरे में हुए कैद बदायूं के थाना सिविल लाइन क्षेत्र के पुलिस लाइन चौराहा ओवरब्रिज के पास हर वर्ष सर्दियों में लगने वाले नेपाली बाजार में नेपाल से लोग आकर गर्म कपड़ों की अपनी अपनी दुकानें सजाते हैं तो इस वर्ष भी नेपाली बुद्धिस्ट वुलेन मार्केट मे गर्म कपड़ों की 24 दुकानें लगाई गई है 2 दिन से पढ़ रही भीषण कड़ाके की सर्दी में मार्केट में ग्राहक भी काफी मात्रा में आ रहे हैं इसी के चलते कल दोपहर के समय तीन लोग मार्केट में आए और वहां के मिलन प्रधान से मिले और उन्होंने कहा कि ओवरब्रिज के नीचे आदि शक्ति देवी माता मंदिर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है भंडारा 31 दिसंबर को प्रातः 10 बजे से शुरू होगा

आप लोग भंडारे में सहयोग करें तू वहां के मिलन प्रधान ने सभी दुकानों से पैसे इकट्ठे करके लगभग 20 हजार रूपये भंडारे के नाम पर दे दिए और ठगों ने सभी दुकान वालों को मय परिवार के आज के लिए भंडारे को आमंत्रित भी कर दिया आज सुबह सभी नेपाली इकट्ठा होकर आदि शक्ति देवी माता मंदिर ओवर ब्रिज के नीचे जब भंडारा खाने गए तो वहां पर कोई भी भंडारा नहीं था उन्होंने वहां के पुजारी रामकुमार से भंडारी के बारे में जानकारी ली तो रामकुमार ने भंडारा होने का साफ मना कर दिया भंडारी नही होने पर नेपाली लोगों को ठगी का एहसास हुआ और तुरंत अपनी मार्केट लौट गए वहां जाकर मार्केट में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए तो तीनों के चेहरे साफ दिखाई दे रहे हैं नेपाली प्रधान से जब बात की तो उन्होंने सुबह सिविल लाइन थाना पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई करवाने को बोला इस तरह सिविल लाइन में ठगों का पूरी तरह गिरोह सक्रिय है नेपाली मार्केट के मिलन प्रधान ने बताया कि जब हमने ठगों से कहा कि हमने आप लोगों को कभी भी मंदिर पर नहीं देखा है तो एक ठग ने कहा यह बहुत पहुंचे हुए विद्वान है यह विशेष आयोजन पर ही मंदिर पर आते हैं इस तरह नेपाली लोगों को ठाकुर ने अपना शिकार बनाकर 20 हजार रुपये अपने कब्जे में करके फरार हो गए देखते हैं इतनी बड़ी घटना को पुलिस कहां तक कामयाबी हासिल करती है