बरेली में प्रगतिशील किसान अनिल उगा रहे हैं विदेशी एवम देसी फल

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बरेली । उत्तर प्रदेश के बरेली में प्रगतिशील किसान एवम निर्यातक अनिल साहनी ने कहा जलवायु परिवर्तन (ग्लोबल वार्मिंग) के बाद भी बरेली के तराई में काफी सकारात्मक परिवर्तन होने से यहां विदेशी महंगे फल एवकादो के अलावा अंगूर, अनार, चीकू की खेती कर वह उसका निर्यात भी कर रहे हैं। उनके जैविक कृषि फार्म में तिलक चंदन एवम बासमती धान उगाकर उसका भी निर्यात हो रहा है। अनिल साहनी बताते हैं कि मेक्सिको से इस फल एवाकोंडो के बीज मंगाकर उसकी उन्होंने इस विदेशी फल की खेती की। इस फल के एक पेड़ पर सीजन में तीन कुंतल फल आता है। इस फल की कीमत आज भी हजार रुपए किलो के आस पास है । सरकार इसका सस्ता बीज किसानों को देकर उसकी फसल को खरीद कर उसका निर्यात भी कर सकती है। वह तो वर्षो से जैविक खेती कर रहे हैं। अब ड्रेगन फ्रूट को तो मंडल में कई किसान उगा रहे हैं ।किसान बहुत मेहनत से कृषि कार्य करता है। प्रगतिशील किसान अनिल साहनी का कहना है कि बरेली के क्यारा ब्लॉक में सरकार की पड़ी हुई लगभग 60 हेक्टेयर भूमि पर प्रदेश सरकार कृषि विश्व विद्यालय एवम वेटनरी कॉलेज को बनवा कर बरेली मंडल के किसानों का भला कर सकती है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों को भी आगे आना होगा। अगर वेटनरी कॉलेज खुल जाए तो उसमें सरीसर्प केंद्र बनाकर सांप का जहर का संग्रह केंद्र भी हो बना जा सकेगा तो मंडल में साप के डसने से होने वाली मौत पर भी कुछ अंकुश लग सकेगा।बरेली मंडल के धान उत्पादको के लिए उन्होंने प्रदेश सरकार से गोरखपुर के कालानमक चावल की तर्ज पर बरेली मंडल में हंसराज, तिलक चंदन, वासमती चावल के सस्ते बीज किसान को देकर धान की खेती को प्रोत्साहन देने की सरकार से मांग की। ताकि बरेली मंडल में उस धान से निकले चावल का निर्यात बढ़ सके। बरेली मंडल धान मिलों के साथ ही धान का कटोरा भी कहा जाता है। इसके लिए तराई में बसे पूर्व रुहेलखंड मंडल के लिए भी प्रदेश सरकार से निर्यात नीति बनाने की मांग भी की। उनका कहना है कि बरेली प्लाईबुड निर्माण का हरियाणा के बाद बड़ा केंद्र बनकर उभरा है । बरेली के प्लाईबुड का देशभर में निर्माण में बड़ा योगदान है । यहां के किसान पापुलर एवम यूकेलिप्टस भी काफी उगाते हैं इसका पेड़ तीन वर्ष में तैयार हो जाता है। अगर यहां पापुलर उगाने वाले किसान को उसके उत्पाद खरीदे जाने का प्रदेश सरकार भरोसा दे दे तो इसकी उपज बरेली मंडल में काफी बढ़ सकती है । उनके द्वारा कृषकों की ओर से धान की खेती के बारे में जानकारी दी गयी एवं एवकाडो की खेती के बारे में बताया गया कि यहां मैक्सिको की प्रजाति से अच्छी एवकाडो होती है लेकिन पौध मंहगी है और विदेश से मंगानी पड़ती है इसलिये असुविधा होती है। उन्होंने बीते दिनों बरेली में प्रदेश के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुए सेमिनार में आए प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार के समक्ष भी किसानों की समस्या वाली अपनी बात प्रमुखता से मंच से कही। जिस पर उन्हें समस्या हल का आश्वासन भी मिला। सेमिनार में प्रमुख सचिव मनोज कुमार ने अपने निरीक्षण के दौरान पीलीभीत की बांसुरी, बरेली के जरी, बांस बेंत इत्यादि उत्पादों की प्रशंसा की। जी आई सी ऑडोटोरियम में सेमिनार में बरेली के जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने अपने सम्बोधन में कहा कि जनपद के बाहर से आये किसान/उद्योग  बन्धुओं ने गोष्ठी में जो प्रश्न उठाये गये उसने से नीतिगत मैटर के अतिरिक्त, प्रशासनिक स्तर की समस्याओं का निस्तारण किया जायेगा।

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उन्होंने बताया कि बरेली जनपद से 676 एमओयू साइन हुये थे, जिसमें से 321 जीबीसी के लिये तैयार हैं। जनपद में बड़ी संख्या में वृक्षारोपण हुआ है, परिणाम स्वरुप प्लाईवुड उद्योग को कच्चा माल मिलेगा। विकास खण्ड क्यारा के मझगवां में जू (चिड़ियाघर) खोला जायेगा। यूपीसीडा में बैंक/टॉवर लगवाना पॉलिसी मैटर है। रोजगार प्रशिक्षण के कारण कुशल कारीगर मिल रहे हैं। विद्युत व्यवस्था में समस्या है लेकिन अन्य जनपद से बेहतर है। किसानों का गन्ना भुगतान कराने हेतु पूरा प्रयास किया जा रहा है, जनपद बरेली में पांच चीनी मिले हैं। जनपद में समन्वय अच्छा है आगे भी ऐसा बना रहेगा।मण्डलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने सेमिनार में अपने संबोधन में कहा कि गोष्ठी में मुख्यतः नीतिगत मैटर उठाये गये हैं। स्थानीय स्तर की समस्याएं मण्डल स्तरीय बैठक में सुनकर निस्तारित भी की जाती हैं।सचिव पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन आशीष तिवारी ने कहा कि कार्बन क्रेडिट स्कीम को धरातल पर लाने हेतु हमारा प्रदेश देश में पहला राज्य है, जिसके 25140 करोड़ किसानों को जोड़ा गया है। उत्तरप्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की इकोनॉमी उद्यमी/ किसानों के कारण है, उत्तर प्रदेश में हमारे यहां उपलब्ध जमीन के 75 प्रतिशत हिस्से पर खेती होती है तथा 86 प्रतिशत खेती सिंचित है। उ प्र की मिट्टी, जलवायु और पानी की उपलब्धता कृषि के लिये विशेष है। खेती की दृष्टि से देश का 35 प्रतिशत गेहूं उत्तर प्रदेश में होता है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा 25 सेक्टर में पॉलिसी बनायी है और सरलीकरण करने का कार्य किया जा रहा है लेकिन अभी इस दिशा में और भी कार्य किया जाना है। उन्होंने बताया कि बरेली/मुरादाबद मण्डल के 1400 उद्यमियों को लाइसेंस मिले हुये हैं। यहां की लकड़ी बाहर जा रही है, इसके लिये उद्यमीअपनी इंडस्ट्री की एफिशियेंसी बढ़ायें ताकि हरियाणे के उद्यमी बरेली मंडल से पापुलर की फसल को कम ही खरीद सकें। हरदोई और सीतापुर में अन्य राज्यों की वुड बेस्ट इंडस्ट्री आना चाहती है। पेड़ों की प्राइवेट नर्सरी वालों से बात करके अच्छी गुणवत्ता की पौध कृषकों को दी जाये, कृषि की दृष्टि से बरेली मुरादाबाद दोनों मण्डल महत्वपूर्ण हैं।उन्होंने बताया कि सरकार ने कई एक्सप्रेस वे बनाये है और उनके किनारे भी इंडस्ट्रियल पार्क बनाये जाने की प्लानिंग है। लैण्ड पर सब्सिडी दिये जाने की भी पॉलिसी है। उन्होंने कहा कि 18-20 बंद टैक्सटाइल इंडस्ट्री की जमीन औद्योगिक आस्थानों को दी जायेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग लगाने पर 70 प्रतिशत की सब्सिडी तथा महिला लगाये तो 90 प्रतिशत की सब्सिडी दिये जाने का प्रविधान है। विद्युत के रेट सभी राज्यों में लगभग विद्युत दर यही है।

कार्यक्रम की तारीफ करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि कार्यक्रम में बहुत ही सरल तरीके से उद्यमियों द्वारा अपनी समस्याओं को रखा गया जिसके विषय में उनके द्वारा स्वयं समाधान हेतु प्रयास किया जाये इस अवसर मण्डलायुक्त सौम्या अग्रवाल, अपर पुलिस महानिदेशक रमित शर्मा, जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार सहित बरेली व मुरादाबाद मण्डल के समस्त सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।एस के सिंह, सम्भागीय अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती द्वारा सभी उद्यमियों/ निर्यातकों/किसानों एवं अधिकारियों का कार्यक्रम में प्रतिभाग करने हेतु धन्यवाद दिया। इस कार्यकम्र में बरेली/मुरादाबाद मण्डल के मण्डलीय अधिकारी, संबंधित जिलों के मुख्य विकास अधिकारी, अपर आयुक्त, प्रशासन, नगर आयुक्त, वाईस चेयरमैन, बीडीए, अपर जिलाधिकारी, प्रशासन, क्षेत्रीय प्रबन्धक, यूपीसीडा, बरेली, उपायुक्त उद्योग उपस्थित थे। उद्यमियों की श्रेणी में अजय शुक्ला, अध्यक्ष, औध्योगिक आस्थान भोजीपुरा, दिनेश गोयल, प्रदेश उपाध्यक्ष आईआईए, सुरेश सुन्दरानी, विमल रेवाड़ी, मयूर धीरवानी, तनुज भसीन, अभिनव अग्रवाल, अध्यक्ष, सेन्ट्रल यूपी चैम्बर ऑफ कॉमर्स, उन्मुक्त सम्भव शील, अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती, सतीश कुमार अग्रवाल, बरेली होटल पैलेस, आरिफ, अध्यक्ष, राईस मिलर्स एसोसियेशन, बरेली इत्यादि ने उपस्थित रहे। निर्भय सक्सेना

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