भीम आर्मी ने मनाया 9 वा स्थापना दिवस, हजारों कार्यकर्ता ने गांव गांव जाकर चलाया सदस्यता अभियान
बरेली । भीम आर्मी 21 जुलाई को 9 वा स्थापना दिवस मना रहा है। भीम आर्मी की औपचारिक स्थापना 21 जुलाई 2015 में हुई थी। इस संगठन का उद्देश्य सहारनपुर में दलितों, अल्पसंख्यक और वंचित वर्ग के हितों की रक्षा और दलित और अपलसंख्यक समुदाय के बच्चों को मुफ्त शिक्षा देना था। हालांकि, इस आर्मी के उदय की शुरुआत सहारनपुर में एएचपी नाम के एक महाविद्यालय से हुई। कहा जाता है कि कॉलेज में राजपूतों का वर्चस्व था। दलितों के साथ काफी भेदभाव किया जाता था। कथित तौर पर दलित छात्रों को क्लास में बैठने के लिए अलग सीटें थीं। यहां तक कि सभी एक ही नल पर पानी तक नहीं पी सकते थे। दलितों के लिए अलग से नल की व्यवस्था की गई थी। उसी समय चंद्रशेखर नाम के एक नौजवान का कॉलेज में एडमिशन होता है।कहते हैं दलितों से हो रहे भेदभाव को देखकर चंद्रशेखर ने सभी दलित छात्रों को इकट्ठा करना शुरू कर दिया। इसके बाद कई बार दलित और राजपूत छात्रों के बीच बहस और मारपीट की नौबत आ गई। दोनों ओर से लड़ाई- झगड़े शुरू हो गए। कई बार बात बढ़ी तो मारपीट भी हुई। धीरे-धीरे दलित नौजवानों की हिम्मत बढ़ने लगी, वहीं राजपूतों का वर्चस्व घटने लगा। कहा जाता है कि बाद में दलित छात्रों ने राजपूतों का वर्चस्व को खत्म कर दिया।

यही कॉलेज भीम आर्मी का प्रेरक केंद्र बना। चंद्रशेखर आजाद ने अपने पैतृक गांव छुटमलपुर में भीम आर्मी का निर्माण आज के ही दिन किया। इस वर्ष भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मा. विनय रतन सिंह के आदेश पर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने अपने राजनीतिक दल आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) का सदस्यता अभियान गांव गांव जाकर चलाया। भीम आर्मी के मंडल अध्यक्ष विकास बाबू एडवोकेट ने बताया भीम आर्मी के स्थापना दिवस पर आसपा का सदस्यता अभियान 21 जुलाई से 30 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान कार्यकर्ता गांव गांव जाकर 5 लाख नए सदस्य बनाएंगे। इसी क्रम में बरेली मंडल को 10 हजार नए कार्यकर्ता बनाने का लक्ष्य रखा गया। आज भी जनपद बरेली में कार्यकर्ताओं ने गांव गांव जाकर लगभग 1500 नए सदस्य जोड़े है गांव गांव जाकर सदस्यता अभियान चलाया।













































































