बदायूँ। बाबू जगजीवन राम की जयंती के दूसरे दिन कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह के व शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष असरार अहमद के सयुक्त नेतृत्व में ग्राम पडौआ में दलित बस्ती में प्रतिभोज किया एव वृक्षारोपण किया इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव जितेंद्र कश्यप रहे व विशिष्ट अतिथि पूर्व एआईसीसी सदस्य मुन्ना लाल सागर रहे इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ओमकार सिंह ने कहा बाबू जगजीवन राम को 1937 से 1987 तक संसदीय राजनीति में किसी न किसी अहम ज़िम्मेदारी में रहने के बावजूद सचेत तौर पर उन्हें इग्नोर किया जाता है। जिसकी एक मात्र वजह उनका कांग्रेसी होना रहा। ओमकार सिंह ने कहा विभिन्न मंत्रालयों के ज़रिये उन्होंने समाज को बदलने वाले अनगिनत काम किये। मसलन, प्रोमोशन में आरक्षण। उन्होंने रेल मंत्री रहते हुए स्टेशनों पर मेहतर जाति के लोगों को पानी पिलाने के लिए नियुक्त किया जिन्हें पानी पांडे या वाटर मैन कहा से जाता था। इस अवसर पर प्रदेश सचिव जितेंद्र कश्यप व पूर्व एआईसीसी सदस्य मुन्ना लाल सागर ने कहा बाबू जगजीवन राम जी ने कभी भी जातिगत अन्याय बर्दाश्त नहीं किया उन्होंने। 1946 में परिवार सहित वो केंद्रीय श्रम मंत्री रहते जगन्नाथ पुरी गए थे। पंडों ने दलित होने के कारण मंदिर में जाने से रोक दिया। उन्होंने वहीं पर विरोध स्वरूप बड़ी सभा की। याद रहे मौजूदा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को 18 मार्च 2018 को उसी जगन्नाथपुरी में जाति के कारण अपमानित किया गया था लेकिन वो संघी संस्कार के कारण चुप रहे इस अवसर पर शहर अध्यक्ष असरार अहमद ने बाबू जगजीवन राम इंदिरा गांधी के करीबी नेताओं में से एक थे। एक बार इमरजेंसी के दौरान इंदिरा गांधी ने अपने पद से इस्तीफा देने पर जगजीवन राम को पीएम बनाने की बात तक कही थी इस अवसर पर संचालन जिलाउपाध्यक्ष विरेश तोमर ने किया मुख्य रूप से जिला महासचिव इख्लास हुसैन, रफत अली, राज यादव, प्रेमवीर, प्रमोद, ऋषि आदि आदि कांग्रेसजन व ग्रामवासी मौजूद रहे।