धरती पर व्याप्त जल तंत्र की अनदेखी घातक:गंगासमग्र
बदायूँ। दो मई को गंगासमग्र की जिला बैठक सीमाचौहान सहसंयोजक ब्रज प्रांत गंगासमग्र के आवास सतेती हाउस में सम्पन्न हुई ।इस बैठक में राष्ट्रीय मंत्री गंगासमग्र अवधेश का मार्गदर्शन मिला।गंगासमग्र के गंगा भाग प्रमुख अशोक तोमर ने भी गंगा और सहायक नदियों पर चर्चा करी। अवधेश ने कहा कि जल के लिए चिंता व चिंतन करना एक दिन का कार्य नहीं है यह एक अनवरत चलने वाली प्रक्रिया है हमारे देखते देखते जिस तरह कुए, तालाब , झील
और हर जिले में बहने वाली सहायक नदियाँ विलुप्त हो रहीं है वह समस्त प्राणीमात्र के जीवन को भी कम करता जा रहा है ,लगातार वृक्षों का कटान जीवन शैली को प्रभावित कर रहा है अत: गंगासमग्र पंद्रह आयाम की योजनानुसार गंगा घाट प्रमुख, तीर्थ पुरोहितप्रमुख , आरती प्रमुख, गंगा सेविका ,गंगावाहिनी संचार तालाब प्रमुख ,शिक्षण , विधि ,सहायक नदी प्रमुख वृक्षारोपण प्रमुख, पर्व आयाम प्रमुख जैविक खेती प्रमुख अपने अपने आयाम की टीम गठित कर सुनियोजित रूप से कार्य करें और समाज तथा प्रशासन की भी मदद लें।

विधि आयाम प्रमुख कानून के तहत नदी तालाब पर करे गये अतिक्रमण हटाने के लिए कानूनी कार्य वाही करते रहें।शिक्षक प्रमुख विद्यालय के माध्यम से समाज की युवा पीढ़ी को जलस्रोतों की जानकारी दें और निबंध , कला,वाद-विवाद प्रतियोगिता करायें ।सीमाचौहान नें बदायूं में बारह मई को होने वाले प्रांतीय अभ्यास वर्ग की जानकारी दी। कार्यक्रम के स्थान चयन व व्यवस्था पर चर्चा हुई। बैठक में जिलासंयोजक ज्ञानेन्द्र सिंह ने गंगासमग्र की बेबसाइट बनाकर सोशल साइट्स पर गंगासमग्र के कार्य समाज तक पहुंच सके इस की जानकारी दी। गंगा जनजागरण माह कुम्भ और वृक्षारोपण पर योजना बनाई गई। बैठक में पूनम सिंह, वीरबाला,करुणेश,षटवदन शंखधार, सागर, पिंकी वार्ष्णेय, सपना ,तनुजा ,जगमोहन, रुपकिशोर शैलेन्द्र, वीरेश ,संध्या सिंह ,नीलम, आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।अतिथि के रूप में अलका सिंह रहीं। सभी नें गंगासमग्र के कार्य कर गंगा की अविरल निर्मल धारा की सेवा व स्वच्छता का संकल्प लिया।













































































