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कोरोना के चलते जहां दूल्हे के सजाने के सामान बिका करते थे, अब उन दुकानों पर कफन और अर्थी सजाने के सामान बिकने लगे

April 25, 2021By sharad kumar0 comments
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प्रयागराज।  कोरोना की महामारी का इससे बुरा शायद ही दूसरा कोई रूप दिखाई दे. क्योंकि जहां कभी लोग शादी विवाह का सामान खरीदने जाते थे, जहां दूल्हे के सजाने के सामान बिका करते थे, अब उन दुकानों कफन और अर्थी सजाने के सामान बिकने लगे हैं.

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सुनने में भले ही थोड़ा अटपटा लग रहा है, लेकिन सच्चाई यही है. प्रयागराज के चौक इलाके में दो दुकानें ऐसी हैं, जहां कभी दूल्हे की पगड़ी, कमरबंद, तलवार बिकता था. लेकिन वहां अब कफन कलावा और टिकटी बिक रही है. दुकानदारों का कहना है कि हर साल ये शादियों का सीजन होता था, लेकिन मौत का नहीं. इन दिनों कोरोना काल में हर कोई अर्थी सजाने का सामान मांग रहा है. इसलिए दुकानों पर अंतिम संस्कार के सामान भी रखना शुरू कर दिया गया है.

ये है वजह
गौरतलब है कि प्रयागराज के चौक इलाके में कोतवाली के सामने स्थित वर्षों पुरानी दो दुकानें हैं. जिन दुकानों पर पहले शादी विवाह का सामान बिका करता था. इसमें दूल्हे की पगड़ी, पगड़ी में लगाने वाला पंख सहित दूसरे सामान शामिल हुआ करते थे. लेकिन साल भर से शादी विवाह में आई कमी ने दुकानदारों को अर्थी सजाने के सामान बेचने पर मजबूर कर दिया है. दुकानदारों के मुताबिक पिछले साल भर से प्रॉपर तरीके से दुकाने नहीं खुल पा रही है. ऊपर से लॉकडाउन और कोरोना ने लोगों को बेहद परेशान कर दिया है और ऐसे समय में लगातार हो रही लोगों की मौत से कफन की डिमांड बढ़ गई है. अब शहर के अधिकांश इलाकों से लोग यही मांगने आने लगे हैं. ऐसे में रोजी-रोटी चलाने के लिए कफन और अर्थी बेचने का काम शुरू कर दिया है.
दुकानदार ने कही ये बात

दुकानदार डब्बू लाल श्रीवास्तव के मुताबिक़ उनकी सौ साल पुरानी यह दुकान दूल्हे को सजाने वाले सामान के लिए जानी जाती थी. लेकिन कोरोना काल ने इसे अर्थी सजाने वाली दुकान का रूप धारण करने पर मजबूर कर दिया. अर्थी सजाने वाले दुकानदारों के मुताबिक़ हर दिन आठ से दस मृतकों के अंतिम संस्कार से जुड़े सामान बेहद आसानी से बिक जाते हैं. उनके यहां इसके लिए हर तरह के कफन हैं. जिसमें सुहागन से लेकर विधवा हो या फिर बुजुर्ग हर तरह के कफन के सामान कंप्लीट मिलता है.

हालांकि उनका यह भी कहना है कि दुकान पर शादी विवाह के सामान अभी भी रखे हुए हैं. लेकिन समय की नजाकत को देखते हुए सब दुकान के अंदर रखा है. पिछले दो सीजन से शादियों पर पूरी तरीके से ग्रहण लग गया है. इस बार भी जिनके यहां शादी होनी थी उन्होंने सामान में कटौती कर दी है. ज्यादातर लोगों ने शादियां भी कैंसिल कर दी हैं. दुकानदारों के मुताबिक आज भी उनके यहां शादी विवाह से जुड़े सामान रखे हैं, अगर कोई ग्राहक पूछता है तो निकाल कर उसे वह सामान भी देते हैं. लेकिन समय के नजाकत को देखते हुए अर्थी और कफन के सामान को आगे सजाया है.

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