अयोध्या से रामेश्वरम पद यात्रा करने निकलीं शिप्रा पाठक को सरसंघचालक मोहन भागवत का आर्शीवाद मिला
मुंबई। अयोध्या से रामेश्वरम तक राम जानकी वन गमन पद यात्रा पर निकलीं वाटर वूमन शिप्रा पाठक की पद यात्रा को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत का आशीर्वाद मिला। शिप्रा पाठक की पदयात्रा 27 नवंबर को रामनगरी अयोध्या उत्तर प्रदेश से प्रारंभ हुई थी। पद यात्रा मध्य प्रदेश,छत्तीसगढ़ होते हुए इस समय महाराष्ट्र में चल रही है।शिप्रा ने मोहन भागवत को अपनी पद यात्रा के उद्देश्य को बताते हुए कहा कि यह यात्रा अध्यात्म से पर्यावरण जागरण की है जहां एक ओर राम जानकी के चरित्र को आमजन में आत्मसात करने के प्रेरणा दे रहीं है वहीं दूसरी ओर जगह जगह पड़ने वाले राम जानकी के पद चिन्ह के साथ राम जानकी वाटिका लगाने की योजना भी बना रहीं हैं। शिप्रा ने अपनी पंचतत्व संस्था द्वारा एक करोड़ पौधे रोपित करने का संकल्प भी बताया।उन्होंने बताया राम वन गमन क्षेत्र में पड़ने वाली सभी नदियां गंगा,नर्मदा,गोदावरी,यमुना,मंदाकिनी,गोमती आदि के जल को एकत्र कर रामेश्वरम में जलाभिषेक भी करेंगी।

सर संघ चालक मोहन भागवत ने शिप्रा की हिम्मत की सराहना करते हुए कहा नारी तत्त्व में जिस तरह आपने पर्यावरण को समर्पित करके ये पद यात्रा आरंभ की है। निःसंदेह इससे युवाओं को एक संदेश मिलेगा। उन्होंने शिप्रा को पद यात्रा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा जाओ “जहां जहां तुम्हारे चरण पड़े वहाँ वहाँ वसुंधरा हरी होती चली जाये”।राम जानकी के प्रकल्प और अपने पर्यावरण जागरण को आज के युवाओं में संचारित करो। इस दौरान सैकड़ों रामभक्त उपस्थित रहे। उन्होंने कहा राममय वातावरण तब होगा जब हम एक उद्देश्य के साथ आगे बढ़ेंगे।आपको बताते चलें शिप्रा पाठक की पदयात्रा को भारत की पहली सरयू से सागर की यात्रा के नाम से जानी जा रहीं हैं।शिप्रा की इस पद यात्रा को संघप्रमुख मोहन भागवत के आशीर्वाद से पहले तमाम कैबिनेट मंत्रियों के अलावा संत समाज,प्रकृति प्रेमी,पत्रकार बंधुओं सहित सैकड़ों सामाजिक संस्थाओं का सहयोग मिल रहा है।













































































