यूपी के बदायूं जिले में सरकारी दुकानों में खुल गईं नकली शराब बनाने की फैक्ट्रियां ?

यूपी के बदायूं जिले में सरकारी दुकानों में खुल गईं नकली शराब बनाने की फैक्ट्रियां
नकली बार कोड, क्यू आर कोड, सील, मिलावटी शराब सभी कुछ उपलब्ध है
फिर भी जिला आबकारी अधिकारी राजकुमार सच्चाई स्वीकारने को तैयार नहीं
आबकारी विभाग की मिलीभगत के मिल रहे संकेत,फिर भी लापरवाही नहीं मान रहे
योगी जी बदायूं में जहरीली शराब से चार लोगों की मौत के बाद भी आबकारी अधिकारी और कर्मचारियों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई
आबकारी विभाग अभी भी पुराने ढर्रे पर चल रहा, गुनाहगारों को बचाने का हो रहा हर संभव प्रयास
कार्रवाई के नाम पर हो रही रस्मअदायगी, गुनाहगार बचेंगे तभी तो आबकारी विभाग के अफसर और कर्मचारी सुरक्षित रहेंगे
आपको बता दें कि 31 मार्च और एक अप्रैल की रात में बदायूं के मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव तिगुलापुर में जहरीली शराब पीने से चार लोगों की मौत हो गई थी। दो लोगों का पोस्टमार्टम हो सका, एक का पहले ही अंतिम संस्कार कर दिया गया, एक के परिवार से बीमारी से मौत होना लिखवा लिया गया। इसलिए जिला प्रशासन नकली शराब से दो लोगों की मौत होने की पुष्टि कर रहा है। यह जहरीली शराब पंचायत चुनाव के प्रधान पद के दावेदारों ने मुफ्त में बांटी थी। तेजतर्रार एएसएसपी संकल्प शर्मा ने घटना के तुरंत बाद अपने एसओ समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। जबकि इस घटना के लिए मुख्य जिम्मेदार आबकारी विभाग का एक ही इंस्पेक्टर निलंबित किया गया है।
आपको यह भी बता दें कि जहरीली शराब से चार लोगों की मौत के बाद तेजतर्रार डीएम दीपा रंजन के आदेश पर जिला आबकारी विभाग ने देशी शराब की दुकानों की एक अप्रैल से चेकिंग शुरु कर दी है। जिले में 255 देशी शराब की दुकानों में से कल तक 49 देशी शराब की दुकानों को चेक किया जा चुका है।
अब आपको सरकारी देशी शराब की दुकानों में चल रही नकली शराब बनाने की फैक्ट्रियों से रू-ब-रू कराते हैं। आबकारी विभाग के डिप्टी कमिश्नर शेखर उपाध्याय ने तिगुलापुर गांव में मौके से खाली पौवे, क्यू आर कोड, बार कोड बरामद किए। यह सभी शहर में बरेली-मथुरा हाईवे स्थित पुरानी चंुगी पर देशी शराब की दुकान और मानिकापुर के निकले। पुरानी चुंगी की देशी शराब दुकान से शराब बनाने की सामान भी मिला। देशी शराब की दुकान सील करके लाइसेंसधारक के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है। यहां पर देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानें एक ही दुकान में चल रही थी। विभाग को मजबूरन देशी शराब की दुकान के साथ ही भाजपा नेता की अंग्रेजी दुकान भी सील करनी पड़ी।
ब्यौर गांव की देशी शराब दुकान में नकली शराब बनाने की धंधा चलता मिला,दुकान से यूरिया, ढक्कन, बिना क्यू आर कोड वाले खाली पौवे बरामद किए गए। सिलहरी, औरामई समेत अनेक सरकारी शराब दुकानों में गड़बड़ी मिली है। यह गड़बड़ी तब उजागर हुई हैं जब जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने साथ में छापेमारी की। अकेले आबकारी विभाग ने अभी तक कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं पकड़ी है।
स्रकारी देशी शराब दुकानों से नकली शराब बनाने का सामान, यूरिया, खाली पौवे, नकली क्यू आर कोड, बार कोड बरामद हो रहे हैं। फिर भी जिला आबकारी अधिकारी राजकुमार सरकारी दुकानों में नकली शराब बनाने की फैक्ट्रियां संचालित होने की सच्चाई स्वीकार नहीं कर रहे हैं। कह रहे हैं कि ऐसा नहीं है, जांच की जा रही है, दुकानों में मिला सामान क्यों वहां रखा था, पता लगाया जाएगा। कहते हैं कि आबकारी इंस्पेक्टरों की हर माह दुकान चेक करने की जिम्मेदारी है, वह अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। फिर भी यह गोरखधंधा चल रहा है। कई दुकानों पर गड़बड़ी मिलने के बावजूद अभी तक मात्र एक आबकारी इंस्पेक्टर निलंबित किया गया है। जिले में इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी अभी तक अंग्रेजी शराब की एक भी दुकान चेक नहीं की गई है। जब अंग्रेजी शराब से कोई मरेगा तब यह दुकानें चेक होंगी शायद।