वाराणसी। मौसम का रुख अब एक बार दोबारा बदलाव की ओर होने जा रहा है। आसमान में अरब सागर से बादलों की सक्रियता होने की वजह से बूंदाबांदी और बादलों की सक्रियता का दौर शुरू हो सकता है। एक ओर गलन का असर, दूसरे तापमान में कमी और तीसरे बादलों की आवाजाही के बीच मौसम का मिला जुला स्वरूप काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। हालांकि, मौसम विज्ञानियों ने अरब सागर से उठे बादलों को कमजोर बताया है। रविवार की सुबह आसमान में घना कोहरा रहा और सड़कों पर सुबह से वाहन फॅाग लाइट के सहारे रेंगते नजर आए। दिन चढ़ने के साथ नौ बजे के बाद कोहरा छंटने लगा और धूप खिलने से लोगों को राहत मिली। हालांकि, गलन और ठंडी हवाओं के चलते धूप खिलने पर भी लोगों को ठंड से कोई राहत नहीं मिली। कहीं लोग अलाव सेंकते नजर आए तो कहीं गर्म कपड़ों में सिहरते नजर आए। दिन चढ़ने पर आसमान साफ हुआ तो धूप भी खिली लेकिन धूप से गर्मी पूरी तरह नदारद रही और लोग दिन में भी सिहरते और ठिठुरते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार जनवरी के पहले पखवारे तक मौसम का यही रुख बना रहेगा।बीते चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से तीन डिग्री कम दर्ज किया गया, न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से चार डिग्री कम दर्ज किया गया। आर्द्रता इस दौरान अधिकतम 75 फीसद और न्यूनतम 61 फीसद दर्ज किया। मौसम विभाग की ओर से जारी सैटेलाइट तस्वीरों में पूर्वांचल में अरब सागर से बादलों की सक्रियता पहुंच रही है। इसकी वजह से आने वाले 24 घंटों में बादलों की सक्रियता शुरू हो जाएगी, पर्याप्त नमी वातावरण से मिलने पर बूंदाबांदी भी हो सकती है।