जातिवाद, छुआछूत, मजहबबाद समाज को तोड़ते हैं : डीपी यादव
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के यज्ञ तीर्थ गुधनी ग्राम में स्थित आर्य समाज के तत्वावधान में चल रहे पांच दिवसीय यज्ञ महोत्सव के चौथे दिन ऋग्वेद पारायण यज्ञ की पूर्णाहुति हर्षोल्लास के साथ हो गई । इस अवसर पर अनेक गणमान्य पधारे । पूर्व मंत्री डी पी यादव, आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश की प्रधान देवेंद्र पाल वर्मा उप जिलाधिकारी बिल्सी, चेयरमैन बिल्सी ज्ञान देवी सागर ओम प्रकाश सागर, कोतवाल बिल्सी अशोक कुमार सिंह, दिल्ली से गूगल कंपनी में इंजीनियर रोबिन सिंह तथा सैकड़ों ग्रामों के श्रद्धालुओं ने आकर यज्ञ में आहुतियां दी तथा अपनी बुराइयां छोड़ने तथा शुभ कर्म करने का संकल्प लिया। अंतर्राष्ट्रीय वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप के निर्देशन में होने वाले इस भव्य आयोजन में पधारे यदु शुगर मिल के चेयरमैन डी पी यादव ने कहा *आर्य समाज जातिवाद नहीं मानता, छुआछूत का विरोध करता है, घुंघट पर्दा प्रथा भूत प्रेत ,जिन्न, पिशाच फलित ज्योतिष, अवतारवाद को पाखंड मानकर उसका विरोध करता है।

आर्य समाज विज्ञान को मानता है और एक ही धर्म को मानता है जिसका नाम है मानवता। आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश के प्रधान देवेंद्र पाल वर्मा ने कहा आर्य समाज सरकार से मांग करता है कि वह प्रदेश में शराबबंदी करें तथा नशे की लत से नौजवान पीढ़ी को बचाया जाए। इंजीनियर रोमिंग सिंह ने कहा ईश्वर एक है हम सब उसकी संतान है जाति और मजहब के नाम पर गरीबी और अमीरी के नाम पर हमें आपस में लड़ना नहीं चाहिए। उप जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह ने कहा यज्ञ की सुगंधी से पूरा वातावरण महक रहा है पर्यावरण की सिद्धि के लिए यह सर्वश्रेष्ठ उपक्रम है। अपने लंबे वक्तव्य में थानाध्यक्ष बिल्सी ने कहा बिना योग साधना के ईश्वर की सिद्धि नहीं हो सकती। मुख्य वक्ता आचार्य वीरेंद्र शास्त्री ने कहा “माता-पिता सास-ससुर पूजनीय होते हैं, इनका कभी निरादर नहीं करना चाहिए पत्नी को पति की तथा पति को पत्नी की सदा देवी देवता मानकर इज्जत करनी चाहिए. यज्ञ महोत्सव के निदेशक आचार्य संजीव रूप ने उपस्थित श्रद्धालुओं से नशा , मांसाहार जुआ, सट्टा, रिश्वतखोरी जैसी अनेक बुराइयां छोड़ने का आवाहन किया और नित्य स्वाध्याय, परोपकार, सेवा तथा राष्ट्रभक्ति का संकल्प कराया ।इस अवसर पर लगभग पॉच सौ गणमान्य तथा यजमानों को प्रतीक चिन्ह व साहित्य देकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में पंकज सक्सेना, अवनीश चंद्र गोयल, रामअवतार गोयल, शशि आर्य, अगर पाल सिंह ,किशन पाल आर्य सुखबीर सिंह जयप्रकाश राकेश आर्य अरविंद सक्सैना सत्यम आर्य गोपाल आर्य विशेष आर्य गौतम आर्य आदि अनेक मौजूद रहे













































































