स्वयंसेविकाओं ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ एवं मिशन शक्ति जनजागरूकता अभियान चलाकर किया जागरूक
बदायूँ: गिंदो देवी महिला महाविद्यालय बदायूं की राष्ट्रीय सेवा योजना प्रथम इकाई का प्रथम एक दिवसीय शिविर कार्यक्रम अधिकारी असि प्रोफेसर सरला देवी चक्रवर्ती के निर्देशन एवं नेतृत्व में अभिगृहित मलिन बस्ती बजरंग नगर में सम्पन्न हुआ वहीं द्वितीय इकाई का सुमन सिंह के निर्देशन में नगला सय्यद गंज में सम्पन्न हुआ।
प्रथम सत्र में स्वयं सेविकाओ के द्वारा अपने अपने अभिग्रहित बस्ती बजरंग नगर व नगला सैयद गंज मे जाकर रैली के माध्यम व सर्वे के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का कार्य किया।
बौद्धिक सत्र का शुभारंभ प्राचार्या डॉक्टर गार्गी बुलबुल के द्वारा सरस्वती पूजन कर आरंभ किया गया। प्राचार्य ने सर्वप्रथम स्वयं सेविकाओं को राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य बताया। कार्यक्रम अधिकारी सरला चक्रवर्ती ने बताया कि युवाओ के सर्वांगीण विकास का नाम राष्ट्रीय सेवा योजना है। स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदन वह लक्ष्य गीत के साथ किया। मुख्य वक्ता डॉ०शुभ्रा माहेश्वरी एवं डॉ०सोनी मौर्य ने स्वयं सेविकाओं को बेटी बचाओ वह बेटी पढ़ाओ तथा मिशन शक्ति के तहत स्वयं सेविकाओं को बेटियों को अपने बचाव के लिए क्या-क्या करना चाहिए शिक्षा सबसे बड़ा साधन है यह कहते हुए उन्होंने शिक्षा के माध्यम से हमें किस प्रकार अपने अधिकारों की जानकारी रखनी चाहिए और अपने अधिकारों को हम किस प्रकार से उनको व्यवहार में ला सकते हैं और हम किस प्रकार से अपना बचाव कर सकते हैं अपने अंदर किस प्रकार से मजबूती ला सकते हैं यह सब जानकारी देते हुए स्वयं सेविकाओं को अपने आत्म बल को कैसे बढ़ाया जाए इसके लिए उन्होंने प्रशिक्षण भी दिया। प्रथम इकाई स्वयंसेविकाओं कु० अंजली, लवली, मेघा पटेल, नैनशी आदि ने लघु नाटिका अनपढ़ बीबी के माध्यम से बेटियों को पढ़ाने एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रेरित किया। प्रथम इकाई स्वयं सेविकाओं में पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिता भी कराई गई।कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन कार्यक्रम अधिकारी सरला देवी चक्रवर्ती ने किया। कु० राजकुमारी, साक्षी, शिवांगी, मेघा पटेल, प्रिया, लवली पल्लवी, पलक वर्मा, रितु कश्यप,पूनम यादव, किरन देवी,आरती, निशा,रजनी, सोनाली, राधा, नैनशी आदि की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी सीनियर व जूनियर प्रोफेसर शिक्षिकाएं उपस्थित रही तथा महाविद्यालय के समस्त स्टाफ का भरपूर सहयोग रहा।














































































