मन ही है बंधन और मोक्ष का कारण- राजीव कृष्ण
राज्य मंत्री महेश चंद्र गुप्ता एवं चेयरपर्सन दीपमाला गोयल ने लिया आचार्य राजीव कृष्ण से आशीर्वाद-
बदायूँ: आदर्श नगर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के सप्तम दिवस प्रातः बेला में महालक्ष्मी यज्ञ आचार्य श्री सुरेंद्र कुमार भारद्वाज (नरवर वालो) के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ। जिसमें मुख्य यजमान के रूप में सुरेश गुप्ता एवं अनमोल गुप्ता सपत्नीक शामिल हुए।
वृंदावन धाम से पधारे कथा प्रवक्ता आचार्य कथा व्यास राजीव कृष्ण भारद्वाज जी ने कहा कि मन ही बंधन और मोक्ष का कारण है यदि यह विषयों में आसक्त हो जाए तो बंधन का कारण बनता है और यदि परमात्मा के चरणों में आसक्त हो जाए तो मोक्ष का कारण बनता है।
सुदामा चरित्र के माध्यम से बताया कि जीवन में कितनी भी विपत्ति आ जाए मनुष्य को कभी भगवान का भजन नहीं छोड़ना चाहिए। सुदामा जैसी विपन्नता किसी पर नहीं आई होगी पर उन्होंने प्रभु का भजन नहीं छोड़ा और परिणाम हुआ कि उन्हें भगवान की प्राप्ति हुई।
कथा व्यास आचार्य राजीव कृष्ण ने कहा कि परीक्षित साक्षी है कि भागवत कथा सुनने से सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है।
उन्होंने कहा कि भागवत महापुराण वैष्णव का परम धर्म है। भक्ति ज्ञान और वैराग्य की त्रिवेणी इसमें बहती है। जो उसमें गोता लगाते हैं उनका कल्याण हो जाता है।
राज्य मंत्री नगर विकास उत्तर प्रदेश सरकार श्री महेश चंद्र गुप्ता एवं नगर पालिका परिषद बदायूं की चेयरपर्सन दीपमाला गोयल ने अपने सुपुत्र अमन गोयल के साथ कथा व्यास राजीव कृष्ण भारद्वाज से आशीर्वाद प्राप्त किया।
कथा का समापन मिलन आज तक था तुम्हारा हमारा – रही जिंदगी तो मिलेंगे दोबारा भजन के साथ भागवत कथा समिति के समस्त सदस्य एवं श्रवण करने आने वाले समस्त धर्म प्रेमियों के प्रभु के प्रति समर्पण भाव एव सुंदर आयोजन हेतू आभार व्यक्त करके की गई। भजन का श्रवण कर राज्यमंत्री महेश गुप्ता समेत तमाम श्रद्धालु भी भावुक हो उठे।
कथा व्यास राजीव कृष्ण द्वारा गोपाल शर्मा को पगड़ी पहनाकर इन पुण्य कार्य के आयोजन का माध्यम बनने के लिए आशीर्वाद दिया गया।
कथा समापन के पश्चात भागवत कथा समिति की ओर से विशाल भंडारा का आयोजन किया गया जिसमें शहर की गणमान्य नागरिकों के साथ आमजन ने समरसता भाव से प्रसाद ग्रहण किया।
इस मौके पर यज्ञ आचार्य सुरेंद्र कुमार भारद्वाज (नरवर वाले), रजनी मिश्रा, सुमित मिश्रा, सैनरा वैश्य, आचार्य ब्रह्मदेव वशिष्ठ, गोपाल शर्मा, कमल कांत वशिष्ठ, आदेश तिवारी, शशांक गुप्ता, उत्कर्ष गुप्ता, संजय पाठक, कामेश दत्त पाठक, आयुष भारद्वाज, पवन सक्सेना, अमित शर्मा, अनुपम जिम्मी, अमोल शर्मा, समेत तमाम धर्म प्रेमी मौजूद रहे।













































































