पीड़ितों को समय से मिले न्याय
बदायूं। मिशन शक्ति फेज 4.0 एवं आजादी का अमृत महोत्सव के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य मिथलेश अग्रवाल द्वारा बुधवार को पी0डब्लू0डी0 गेस्ट हाऊस में जनपद में महिला जनसुनवाई का कार्यक्रम को आयोजित किया गया। महिला जनसुनवाई के दौरान मामलों को सुनकर कार्यवाही की गई। इस दौरान प्राप्त शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को निस्तारण करने के लिए निर्देशित किया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि पीड़ित महिलाओं को समय से न्याय व परिवारिक लाभ, विधवा पेंशन, रानी लक्ष्मीबाई पेंशन आदि सहित अन्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।
महिला कल्याण विभाग, उ0प्र0 सरकार द्वारा संचालित सभी योजनाओं यथा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड), उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य), पति की मृत्युपरांत निराश्रित महिला पेंशन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पति की मृत्युपरान्त पुर्नविवाह दम्पति पुरस्कार, दहेज प्रथा से पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता, दहेज के कारण परित्यक्त महिलाओं को आर्थिक सहायता, पति की मृत्यु के उपरान्त निराश्रित महिला की पुत्री की शादी हेतु अनुदान, उ0 प्र0 रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष, महिला शक्ति केन्द्र, वन स्टाप सेंन्टर, हेल्पलाइन नं0 181, 1090, 1098, 112, 1076, 102, 108, प्रर्वतकता योजना आदि की जानकारी दी गई। घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम-2005, अनैतिक देहव्यापार (निवारण) अधिनियम-1956, कार्य स्थल पर महिलाओं के साथ लैगिंक उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम-2013, कन्या भ्रूण हत्या निवारण अधिनियम (पी0सी0पी0एन0डी0टी0)-1994, दहेज निषेध अधिनियम-1961, किशोर न्याय (बालक की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम-2015, लैंगिक अपराधो से बालको का संरक्षण अधिनियम (पाक्सो)-2012, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006, बाल श्रम (प्रतिषोध एवं अधिनियम) संशोधित अधिनियम-2016 आदि का विस्तृत रूप से चर्चा कैम्प में आयी हुयी महिलाओं/बच्चो के बीच ब्लाक सहसवान में मधु यादव व तिलत बी, वन स्टाप सेन्टर, द्वारा किया गया।
कैम्प में आये हुये महिलाओं/बच्चों ने बड़ी ही उत्सुकता पूर्वक उपरोक्त योजनाओं एवं अधिनियमों की जानकारी ली। योजना किसे और कहां से प्राप्त होगी इसके बारे में भी लोगों को विस्तृत रूप से बताया गया। स्वालाम्बन कैम्प में आयी हुयी महिलाओं में से कुछ महिलाओं ने स्वेच्छानुसार महिला सशक्तिकरण को सुदृढ एवं मजबूत बनाने हेतु अपने योगदान की पेशकश की जिसके क्रम में इन महिलाओं का विवरण (नाम, पिता/पति का नाम, पता, मोबाईल नं0) लिया गया है, इन महिलाओं का सहयोग बाद में वॉलंटियर के रूप में महिला सशक्तिकरण के कार्यों हेतु लिया जाएगा।














































































