बरेली महायोजना 2031 में नए एयरपोर्ट के लिए भी स्थान चिन्हित हो : निर्भय सक्सेना

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बरेली। बरेली की महायोजना 2031 बना ली गई है। इसमें जागरूक नागरिकों ने कुछ सुझाव भी दिया हैं। स्मार्ट सिटी बरेली में एक अत्याधुनिक एयर पोर्ट की जरूरत भविष्य में होगी । लखनऊ रोड पर फरीदपुर या दिल्ली रोड पर मीरगंज मे नया एयरपोर्ट बनाने के मेरे सुझाव को भी इस 2031की महायोजना में शामिल किया जाए। इसके लिए बरेली महायोजना 2031 में नए एयरपोर्ट के लिए भी स्थान चिन्हित किया जाए। स्मरण रहे बरेली में वायुसेना के त्रिशूल एयरपोर्ट की हवाई पट्टी का वर्तमान में बना बरेली सिविल एयरपोर्ट सेवाएं ले रहा है। जिससे वायु सेना के त्रिशूल हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था पर भी खतरे के बादल मंडराते रहते हैं। इस लिए जरूरी है कि लखनऊ रोड पर फरीदपुर या दिल्ली रोड पर मीरगंज या नवाबगंज किसी उचित स्थानों नया एयरपोर्ट बनाने के मेरे सुझाव को भी इस 2031की बरेली महायोजना में शामिल किया जाए। और उस पर गंभीरता से अमल भी हो। आज कल जिस तरह चीन की गतिविधियां चल रही हैं उसको दृष्टिगत रखकर बरेली के वायुसेना के त्रिशूल एयरपोर्ट के समीप बने बरेली सिविल एयरपोर्ट को भविष्य में हटाना भी जरूरी होगा। इसलिए बरेली की 2031की महायोजना में नए एयरपोर्ट की जगह को अभी से शामिल किया जाए। स्मरण रहे सुरक्षा कारणों से कानपुर में भी चकेरी में वायुसेना के पास बने सिविल एयरपोर्ट को अन्य स्थान पर शिफ्ट किया गया था। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में कुल नो एयरपोर्ट हैं जिसमें से तीन अंतरराष्ट्रीय और छह राष्ट्रीय स्तर के हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के अनुसार उत्तर प्रदेश में 10 एयरपोर्ट की कार्यवाही संचालन में चल रही है। इसके अलावा निकट भविष्य में राज्य में कई और नए हवाई अड्डों के आने की भी संभावना है। उत्तर प्रदेश भारत का एक महत्पूर्ण राज्य है। उत्तर प्रदेश में कुल दस एयरपोर्ट हैं, जिसमें से तीन अंतरराष्ट्रीय और छह राष्ट्रीय स्तर के हैं।
जेवर,कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा प्रदेश का तीसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। इसका रनवे प्रदेश के सभी हवाई अड्डों के रनवे से बड़ा है।
उत्तर प्रदेश में वर्तमान में लखनऊ में चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, बनारस में लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जेवर एयरपोर्ट, आगरा एयरपोर्ट, प्रयागराज एयरपोर्ट, बरेली एयरपोर्ट, गाजियाबाद में हिण्डन एयरपोर्ट, गोरखपुर एयरपोर्ट, कानपुर एयरपोर्ट हैं। उत्तर प्रदेश में जेवर इंटरनेशनल एयर पोर्ट और कुशीनगर इंटरनेशनल
एयरपोर्ट के बाद अब अयोध्या की रामनगरी में भी बड़े एयर पोर्ट निर्माण की शुरुआत हो गई है। इसके लिए गत दिवस नागरिक उड्डयन विभाग और भारतीय विमान पट्टन प्राधिकरण के बीच लीज अनुबंध पर भी साइन हुए। जिस पर वर्ष 2023 के अंत में अयोध्या में उड़ान शुरू होने पर जोर दिया गया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने अयोध्या में पुरुषोत्तम श्रीराम एयरपोर्ट का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। अयोध्या हवाई अड्डे के निदेशक, ए ए आई के दो सहायक महाप्रबंधक पहले ही नियुक्त किए जा चुके हैं।ए ए आई के अधिकारियों के अनुसार, परियोजना का पहला चरण लगभग डेढ़ से दो साल में पूरा होगा। जिसके लिए 150 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। परियोजना के पहले चरण में एटीआर-72 विमानों के लिए 2,250 मीटर रनवे का निर्माण किया जाना है। अधिकारियों के अनुसार अयोध्या एयरपोर्ट का निर्माण तीन चरणों में किया जाएगा, जिसके लिए करीब 550 एकड़ जमीन की जरूरत है।
अयोध्या हवाईअड्डे के निर्माण के लिए केंद्र द्वारा 250 करोड़ रुपये की मंजूरी के बाद, उत्तर प्रदेश सरकार ने अतिरिक्त जमीन खरीदने के लिए 321 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। हवाई अड्डे के निर्माण के लिए 555.66 एकड़ अतिरिक्त भूमि खरीदने के लिए कुल 1,001.77 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। हवाईअड्डे पर विकास कार्यों के लिए 101 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। निर्भय सक्सेना, मोबाइल 9411005249

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