महिला सशक्तिकरण में शिक्षा की भूमीका विषय पर सेमिनार हुआ

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बदायूं। गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग द्वारा महिला सशक्तिकरण में शिक्षा की भूमिका विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या डॉ० वंदना शर्मा के मुख्य आतिथ्य में व डॉ गार्गी बुलबुल की अध्यक्षता में माँ शारदे के समक्ष द्वीप प्रज्वलित कर व माल्यार्पण कर किया गया। प्राचार्या डॉ वंदना शर्मा ने बताया कि शिक्षा आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण के लिए पहला और मूलभूत साधन है। शिक्षा ही वह उपकरण है जिससे महिला समाज में अपनी सशक्त, समान व उपयोगी भूमिका दर्ज करा सकती है। दुनिया के जो भी देश आज समृद्ध और शक्तिशाली हैं, वे शिक्षा के बल पर ही आगे बढ़े हैं। इसलिए आज समाज की आधी आबादी अर्थात महिलाएं जो कि विकास की मुख्य धारा से बाहर है, उन्हे शिक्षित बनाना हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
डॉ गार्गी बुलबुल ने बताया कि स्त्रियों के शिक्षित हुए बिना किसी समाज के लोग शिक्षित नहीं हो सकते। इसीलिए महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए शिक्षित होना आवश्यक है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए संयोजिका असि० प्रो० सरला देवी चक्रवर्ती ने बताया कि प्रत्येक विकसित समाज के निर्माण में स्त्री एवं पुरूष दोनों की सहभागिता आवश्यक है। भावी पीढ़ी के रूप में व्यक्ति से लेकर परिवार, समाज तथा राष्ट्र तक के चहुँमुखी विकास की जिम्मेदारी में पुरुषों के साथ स्त्रियों की अपेक्षाकृत अधिक भागीदारी है। इस भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए ही परिवार की धुरी, महिला का सशक्तीकरण बहुत जरूरी है और सशक्तीकरण के लिए शिक्षा। डॉ० शिल्पी तोमर ने बताया कि पिछले कुछ दशकों से हमारे देश में महिलाओं की शैक्षिक स्थिति में सुधार आया है, लेकिन फिर भी साक्षरता का फीसद पुरुषों की तुलना में कम ही है। इसीलिए उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए शिक्षा के महत्व को समझना आवश्यक है। तभी हम आत्मनिर्भर बनते हुए अपनेलक्ष्य को पा सकते है। डॉ इन्दू शर्मा ने कहा कि शिक्षा के कारण ही आज महिलायें, सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। डॉ उमा सिंह गौर ने कहा कि कुरीतियों को त्यागने में शिक्षा का योगदान रहा है। शिक्षा से महिलाओं में सशक्तिकरण हुआ है जिससे कई पीढ़ियों का उद्धार हुआ। डॉ निशी अवस्थी ने बताया कि एक शिक्षित महिला अपने और अपने आसपास के लोगों के लिए बेहतर जीवन का निर्माण करने में सक्षम होगी। डॉ शालू गुप्ता ने कहा शिक्षा हम सभी के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक उपकरण है । शिक्षा का उच्च स्तर लोगों को सामाजिक और पारिवारिक आदर और एक अलग पहचान बनाने में मदद करता है। छात्राओं में कु सोनिया, पलक वर्मा, अंशिका,राजकुमारी, सौम्या, पूनम यादव आदि ने अपने विचार रखें। इस अवसर पर समस्त स्टाफ़ डॉ सोनी मौर्य, डॉ बबिता, डॉ अनिता सिंह सहित छात्राओं में उजाला शंखधार, सलोनी,रितिका राजपूत,राजकुमारी, लवली शर्मा, मोनिका, मेघा पटेल,आशी, सौम्या, शोभना पटेल, दिशा सिंहआदि ने अपने अपने विचारों से अवगत कराया।

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