वार्षिक क्रिकेट प्रतियोगिता में रोमांचक हुई फाइनल की दौड़
बदायूं।राजकीय महाविद्यालय बदायूं में आज प्रारंभ हुए अंतर संकाय वार्षिक क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन मुकाबला वाणिज्य एवं कला संकाय के बीच खेला गया, जिसमें कला संकाय ने बहुत ही आसानी से वाणिज्य संकाय को पराजित कर दिया । टॉस जीतकर कला संकाय के कप्तान अरुण कुमार ने क्षेत्ररक्षण करने का फैसला किया और टीम के गेंदबाजों ने उनका यह फैसला सही भी साबित किया कर दिया। कसी हुई गेंदबाजी करते हुए कला संकाय ने वाणिज्य संकाय को मात्र 58 रनों पर ऑल आउट कर दिया।धारदार गेंदबाजी करते हुए कला संकाय की ओर से केशव और सुमित ने तीन-तीन विकेट हासिल किए।

वाणिज्य संकाय की टीम की ओर से कोई भी बल्लेबाज टिककर नहीं खेल सका। उप कप्तान नरेंद्र सिंह यादव ने एक छोर संभाले रखा और अंतिम खिलाड़ी के रूप में 27 रन बनाकर आउट हुए। 59 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए कला संकाय की ओर से ओपनिंग करने आए गोविंद और विजय ने वाणिज्य संकाय की गेंदबाजी को तहस-नहस करते हुए मात्र 5 ओवरों में ही निर्धारित लक्ष्य हासिल कर लिया। तीन छक्के एवं एक चौके के साथ विजय ने 30 रन, 2 छक्के एवं दो चौकों के साथ गोविंद ने 28 रनों का योगदान दिया। मात्र 3 विकेट के नुकसान पर कला संकाय ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया।


दूसरा मुकाबला वाणिज्य और विज्ञान संकाय के बीच खेला गया जिसमें वाणिज्य संकाय ने विज्ञान संकाय को अंतिम गेंद पर पराजित कर जीत हासिल की। टॉस जीतकर विज्ञान संकाय के कप्तान शिवम अरुण ने बल्लेबाजी करने का फैसला किया पहले ओवर में ही वाणिज्य संकाय के कप्तान ने शिवम अरुण का कैच छोड़कर एक महत्वपूर्ण जीवनदान देकर विज्ञान संकाय को अच्छी शुरुआत करने का मौका दिया। मौके का लाभ उठाकर शिवम अरुण ने तेजी से बल्लेबाजी करते हुए 30 रन बनाए। विज्ञान संकाय की ओर से निशांत ने भी उनका अच्छा साथ दिया और 27 रनों पर नाबाद रहे। विज्ञान संकाय की ओर से अनुज ने 18 एवं अमन ने 12 रनों का योगदान दिया। निर्धारित ओवर में 7 विकेट खोकर विज्ञान संकाय 91 रन बना सकी। वाणिज्य संकाय की ओर से आयुष ने दो विकेट एवं नरेंद्र ने एक विकेट हासिल किया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी वाणिज्य संकाय की टीम को प्रशांत एवं आयुष ने शानदार शुरुआत दिलाई। शुरुआती 2 ओवर में 28 रन देने वाली विज्ञान संकाय की टीम ने इसके बाद रनों पर अंकुश लगा दिया। परंतु वाणिज्य संकाय की टीम का एक छोर आयुष ने संभाले रखा। जबकि दूसरे छोर से नरेंद्र ने जोरदार बल्लेबाजी करते हुए वाणिज्य संकाय को लक्ष्य के बेहद करीब पहुंचा दिया। अंतिम 3 ओवरों में वाणिज्य संकाय को जीतने के लिए 33 रनों की आवश्यकता थी, जिसको नरेंद्र के 38 रनों की मदद से वाणिज्य संकाय में अंतिम गेंद पर विजय हासिल की।
तो इस प्रकार फाइनल में पहुंचने की संभावनाएं अभी तीनों टीमों के पास है। अंतिम दो टीमों का फैसला कल होने वाले कला और विज्ञान संकाय के मैच के पश्चात ही हो सकेगा।














































































