बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गाँव दीननगर शेखपुर में आयोजित सात दिवसीय बौद्ध कथा के पांचवें दिन पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं सपा नेत्री ममता शाक्य ने पहुँचकर भगवान बुद्ध एवं डॉ भीमराव अंबेडकर जी के चित्र के समक्ष दीप प्रजवल्लित कर पुष्प अर्पित किए। ममता शाक्य ने कहा कि मनुष्य को अगर अपने जीवन में खुशियां प्राप्त करनी है तो उसे भूतकाल में नहीं लेना चाहिए और ना ही भविष्य की चिंता करनी चाहिए। वह अपने वर्तमान पर ही ध्यान देे। भगवान बुध्द का जन्म ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण यह तीनों एक ही दिन अर्थात वैशाख पूर्णिमा के ही दिन हुए थे। बुद्ध के विचार मानव जीवन में बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। उन्होने कहा कि हमारा संविधान देश की महत्तपूर्ण पूंजी है। इसक बाद एटा से पधारीं धम्मचारिणीं रूबी बौद्ध ने डाकू अंगुली माल जीवन की शैली प्रकाश डालते हुए बताया कि जब बुद्ध जंगल के रास्ते से गुजर रहे थे तब अंगुलिमाल ने उनपर प्रहार किया। लेकिन बुद्ध तनिक नही डरे और अंगुलिमान को समझाया तभी से उसके जीवन मे परिवर्तन आ गया और वह बौद्ध भिक्षु वन गया। इससे पहले यहां महिलाओं ने ममता शाक्य का स्वागत किया। इस मौके पर मोरसिंह यादव, वीरपाल बघेल, मुशाहिद हुसैन, गौरव सागर, टिंकू शाक्य, पुष्पेंद्र कुमार, राममूर्ति मौर्य आदि मौजूद रहे।