नोएडा के सभी शिक्षण संस्थानों को किया अगले आदेश तक बंद, अगले 4 दिन निर्माण कार्यों पर रोक

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नोएडा।  बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए गौतमबुद्धनगर जिले या नोएडा के सभी शिक्षण संस्थानों को अगले आदेश तक बंद करने का बड़ा फैसला किया गया है. इसके साथ ही ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भी बड़ा कदम उठाया है. प्राधिकरण ने अगले 4 दिनों तक नोएडा में सभी तरह के निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी है.

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जिले के डीएम Suhas LY ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने अपने आदेश में कहा कि गौतमबुद्धनगर जिले के सभी शिक्षण संस्थानों को अगले आदेश तक बंद करने का निर्णय लिया गया है और शिक्षा का ऑनलाइन माध्यम जारी रहेगा. यानी ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी.

इससे पहले नोएडा से सटे दिल्ली में भी सरकार ने सभी स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया था. दिल्ली सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए बुधवार को 10 दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें गैर-जरूरी सामान लाने वाले ट्रकों के राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश पर रोक के साथ ही अगले आदेश तक स्कूलों एवं कॉलेजों को बंद करना शामिल है.

नोएडा अथॉरिटी ने अगले 4 दिनों के लिए निर्माण कार्यों पर लगाई रोक

NCR व आसपास बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देश पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भी बड़ा कदम उठाया है. प्राधिकरण ने अगले 4 दिनों तक सभी तरह के निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी है. इसके साथ ही डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर भी 21 नवंबर तक के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है. हॉटमिक्स व आरएमसी प्लांट भी बंद करने के आदेश दिए गए हैं.

एनसीआर की आबोहवा बहुत प्रदूषित हो चुकी है. ग्रेटर नोएडा भी उससे अछूता नहीं है. एनसीआर में वायु प्रदूषण पर निगरानी के लिए बने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की तरफ से एनसीआर के सभी शहरों को प्रदूषण रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गये. इसे देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण के निर्देश पर एसीईओ दीपचंद्र ने अपने टीम के साथ बैठक की.

निर्माण कार्य रोकने का आदेश जारी 

प्रदूषण कम करने के लिए एसीईओ की तरफ से मंगलवार को कार्यालय में आदेश जारी कर दिए गए हैं. आदेश में कहा गया है कि ग्रेटर नोएडा में सभी तरह के निर्माण कार्यों पर अगले चार दिनों के लिए पूरी तरह से रोक रहेगी. अब अगले चार दिनों तक आवासीय, कॉमर्शियल, आईटी, संस्थागत, बिल्डर प्रोजेक्ट, सड़कों की री-सर्फेसिंग, नई सड़कों का निर्माण आदि नहीं हो सकेंगे.

दिल्ली में स्कूल बंद, दफ्तर वर्क फ्रॉम होम मोड पर 

हालांकि खेतों में पराली जलाने से होने वाले उत्सर्जन में कमी की वजह से हवा की गुणवत्ता में मामूली सुधार हुआ है. दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सरकारी दफ़्तर 21 नवंबर तक वर्क फ्रॉम होम मोड़ पर ही चलाने का निर्णय लिया गया है. दिल्ली सरकार ने 21 नवंबर तक राष्ट्रीय राजधानी में निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर रोक लगा दी है. दिल्ली सरकार ने इससे पहले सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों को रविवार तक बंद करने की घोषणा की थी और निर्माण एवं तोड़फोड़ गतिविधियों पर 17 नवंबर तक प्रतिबंध लगाया था.

वायु गुणवत्ता में 24 घंटे में मामूली सुधार

दिल्ली की वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार हुआ, 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बुधवार को 375 दर्ज किया गया जो एक दिन पहले 403 था. प्राधिकारियों ने हालांकि कहा कि रविवार तक कोई बड़ा सुधार होने की उम्मीद नहीं है. फरीदाबाद (378), गाजियाबाद (361), ग्रेटर नोएडा (362), गुरुग्राम (344) और नोएडा (356) ने भी अपनी वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की.

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