बिल्सी। नगर के मोहल्ला संख्या दो स्थित श्री चंद्रप्रभू दिगम्बर जैन मन्दिर में आज भगवान महावीर स्वामी का निर्वाण दिवस अहिंसा दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ से पहले भगवान जिनेन्द्र का मंगल जलाभिषेक कर किया गया। इसके बाद जैन धर्म के अंतिम 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का संदेश अहिंसा परमो धर्मा व जीवों पर दया करो के संदेश को आज अहिंसा दिवस के रूप में मनाया गया। गोष्ठी में श्री दिगम्बर जैन महा समिति के जिलाध्यक्ष अनिल जैन सोनी ने कहा कि भगवान महावीर स्वामी ने जीवों की रक्षा के लिए अपने अनुयायियों को अहिंसा परमो धर्म का संदेश दिया था। कार्तिक कृष्ण अमावस्या के दिन हिंदू धर्मावलंबी दीपावली का पर्व मनाते हैं। वहीं जैन धर्म में भगवान महावीर स्वामी का निर्वाण दिवस मनाया जाता है। इसी दिन भगवान महावीर स्वामी को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी। भगवान महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर यानि अंतिम तीर्थंकर हैं। भगवान महावीर का जीवन एक खुली किताब की तरह है। उनका जीवन ही सत्य, अहिंसा और मानवता का संदेश है। उनके घर-परिवार में ऐश्वर्य व संपदा की कोई कमी नहीं थी। एक राजा के परिवार में पैदा होते हुए भी उन्होंने ऐश्वर्य और धन-संपदा का उपभोग नहीं किया। इस मौके पर मीडिया प्रभारी प्रीत जैन सोनी, प्रशांत खण्डेलवाल, निखिल जैन, अभिषेक जैन, ज्योति जैन, नीलम जैन आदि मौजूद रहे। इधर बिसौली रोड स्थित पदमांचल जैन मंदिर पर भी महावीर स्वामी का निर्वाण दिवस लाडू समर्पित कर मनाया गया।