बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पहुंचे भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. शैलेश पाठक, पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री
दातागंज। भाजपा नेता डॉ. शैलेश पाठक ने गुरुवार को उसहैत क्षेत्र के निकटवर्ती बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने स्टीमर के माध्यम से बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने बाढ़ पीड़ित परिवारों को लगभग दस दिनों के लिए पर्याप्त सूखे राशन की राहत किटें वितरित कीं।
डॉ. शैलेश पाठक ने कहा कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रभावित परिवारों तक हरसंभव सहायता पहुंचाना आवश्यक है। सूचना मिलने पर उन्होंने अपने निजी साधनों से राहत सामग्री की व्यवस्था कर जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाई है। वितरित की गई राशन किट में एक परिवार के लिए करीब दस दिनों तक उपयोग में आने वाली खाद्य सामग्री शामिल है।उन्होंने ग्रामीणों से बाढ़ की स्थिति और उनकी आवश्यकताओं की जानकारी लेते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी प्रकार की आवश्यकता या समस्या की सूचना उन्हें दी जा रही है।डॉ. पाठक ने दातागंज के उपजिलाधिकारी से भी बातचीत कर बाढ़ प्रभावित लोगों को प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी की जा रही है और राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य सामग्री, आवागमन और अन्य जरूरी सुविधाओं की जरूरत को देखते हुए सामाजिक स्तर पर भी लोगों को आगे आकर सहयोग करना चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि आवश्यकता पड़ने पर वह स्वयं भी राहत कार्यों में सहयोग करते रहेंगे।बताते चलें कि डॉ. शैलेश पाठक द्वारा पिछले वर्ष भी बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए विशेष पहल की गई थी। उन्होंने कटरा क्षेत्र में करीब 15 दिनों तक बाढ़ राहत शिविर और भंडारे का संचालन कराया था, जिसमें बाढ़ पीड़ितों को भोजन एवं अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई थी। इस बार भी बाढ़ की सूचना मिलने पर उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत सामग्री वितरण की शुरुआत की है।डॉ. पाठक ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय राजनीति से ऊपर उठकर मानवता की सेवा करना ही सबसे बड़ा दायित्व है। उन्होंने प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से मिलकर बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद करने का आह्वान किया।
















































































