बदायूँ। वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले जनपद बदायूँ के वीर सपूत अमर शहीद श्री हरिओम सिंह की स्मृति में वजीरगंज–बिसौली मार्ग, वजीरगंज पर भव्य स्वागत द्वार का निर्माण कराया गया है। यह स्वागत द्वार बदायूँ के लोकप्रिय विधान परिषद सदस्य श्री बागीश पाठक की पहल पर कराया गया है। स्वागत द्वार का निर्माण अमर शहीद हरिओम सिंह की वीरता, अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति, त्याग और बलिदान को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। वर्ष 1999 में कारगिल की दुर्गम पहाड़ियों पर भारतीय सेना के जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए देश की सीमाओं की रक्षा की थी। इसी युद्ध में बदायूँ के वीर सपूत हरिओम सिंह ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनका बलिदान न केवल जनपद बदायूं बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। शहीद हरिओम सिंह की स्मृति में निर्मित यह स्वागत द्वार लोगों को उनके अद्वितीय साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण की याद दिलाता रहेगा। उल्लेखनीय है कि एमएलसी श्री बागीश पाठक की ओर से जनपद में महापुरुषों और अमर शहीदों की स्मृतियों को सम्मान देने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर स्वागत द्वारों का निर्माण कराया जा रहा है। उनकी यह पहल जिले के गौरवशाली इतिहास और वीर सपूतों के बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। वजीरगंज–बिसौली मार्ग पर बनाया गया यह स्वागत द्वार आने-जाने वाले लोगों के लिए अमर शहीद हरिओम सिंह की वीरगाथा और राष्ट्रप्रेम का स्मृति-चिह्न बना रहेगा। यह केवल एक स्वागत द्वार नहीं, बल्कि उस वीर सपूत के बलिदान की याद है, जिसने देश की रक्षा के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया। आने वाली पीढ़ियां इस द्वार के माध्यम से शहीद हरिओम सिंह के साहस, त्याग और देशभक्ति से प्रेरणा लेती रहेंगी। अमर शहीद श्री हरिओम सिंह का बलिदान सदैव राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।