कछला से पैदल कांवर लेकर पंचतत्वेश्वर धाम पहुंचे डॉ. शैलेश पाठक, हजारों शिवभक्तों के साथ किया भव्य जलाभिषेक
बदायूं। सावन के दूसरे सोमवार के पावन अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. शैलेश पाठक ने कछला गंगा घाट से पैदल कांवर यात्रा कर सराय स्थित पंचतत्वेश्वर स्वयंभू महादेव मंदिर पहुंचकर हजारों शिवभक्तों के साथ भगवान शिव का गंगाजल से भव्य जलाभिषेक किया। देर रात सराय पहुंचने के बाद सोमवार की प्रातः बेला में आयोजित जलाभिषेक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांवरिये और श्रद्धालु शामिल हुए। मंदिर परिसर हर-हर महादेव, बम-बम भोले और भगवान शिव के जयकारों से गूंजता रहा। जलाभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और आस्था दिखाई दी।कछला से गंगाजल भरकर डॉ. शैलेश पाठक के नेतृत्व में हजारों शिवभक्त पैदल कांवर लेकर सराय के लिए रवाना हुए थे। लंबी दूरी की पैदल यात्रा पूरी करने के बाद देर रात कांवरियों का जत्था सराय पहुंचा। यहां पहुंचने पर मुस्लिम और सिख समाज के लोगों ने सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए डॉ. शैलेश पाठक और उनके साथ आए कांवरियों का पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। विभिन्न समुदायों के लोगों द्वारा कांवरियों का स्वागत किए जाने से वहां मौजूद लोगों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। स्वागत के दौरान आपसी भाईचारे और सौहार्द का वातावरण नजर आया।
सुबह होते ही पंचतत्वेश्वर स्वयंभू महादेव मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। डॉ. शैलेश पाठक के साथ हजारों कांवरियों ने विधि-विधान के साथ भगवान शिव का गंगाजल से जलाभिषेक किया। कांवरियों ने भगवान शिव से क्षेत्र, प्रदेश और देश में सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। जलाभिषेक के दौरान मंदिर परिसर में धार्मिक जयघोष लगातार गूंजते रहे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के कारण पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा।डॉ. शैलेश पाठक ने कहा कि कछला से सराय तक पैदल कांवर यात्रा उनके लिए केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, सेवा और सामाजिक एकता का संदेश देने वाली यात्रा भी है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और क्षेत्र के लोगों का सहयोग इस यात्रा की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने सराय में विभिन्न समुदायों के लोगों द्वारा किए गए स्वागत की सराहना करते हुए कहा कि आपसी प्रेम, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द ही समाज की सबसे बड़ी शक्ति है।
उन्होंने कहा कि “सराय क्षेत्र में आने वाले दिनों में एक भव्य मंदिर के निर्माण की दिशा में कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही आम जनता को बेहतर और समुचित इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल के निर्माण की दिशा में भी बातचीत चल रही है।” उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों को धार्मिक आस्था के साथ बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। मंदिर और अस्पताल जैसी सुविधाओं से क्षेत्र के लोगों को लाभ मिल सकेगा और आसपास के ग्रामीणों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
डॉ. शैलेश पाठक ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए सभी वर्गों का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और ऐसे अवसरों पर सभी समुदायों की सहभागिता सामाजिक एकता को मजबूत करती है। सराय पहुंचने पर मुस्लिम और सिख समाज के लोगों द्वारा कांवरियों का पुष्पवर्षा से स्वागत किए जाने को उन्होंने विशेष रूप से सराहनीय बताया।
कछला से सराय तक निकली कांवर यात्रा में हजारों शिवभक्त शामिल रहे। यात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों ने कांवरियों का स्वागत किया और उनके लिए जलपान एवं शीतल पेय की व्यवस्था की। पैदल यात्रा के दौरान शिवभक्तों में गजब का उत्साह दिखाई दिया। कांवरिये हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे।सराय पहुंचने के बाद रात्रि विश्राम और सोमवार की सुबह जलाभिषेक के साथ कांवर यात्रा का धार्मिक उद्देश्य पूर्ण हुआ। पंचतत्वेश्वर स्वयंभू महादेव के जलाभिषेक के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन किए। पूरे कार्यक्रम में श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक सौहार्द का अनूठा संगम देखने को मिला। डॉ. शैलेश पाठक ने जलाभिषेक के बाद श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में सराय को धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य और जनसुविधाओं के क्षेत्र में भी विकसित करने के प्रयास किए जाएंगे।















































































