बरेली। उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन की जिलाध्यक्ष शिववती साहू के नेतृत्व में सोमवार को छात्र-युवा आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपकर आंदोलनकारियों की मांगों पर कार्रवाई की मांग की गई। शिववती साहू ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर न्याय और जवाबदेही की मांग को लेकर छात्र-युवा आंदोलन पिछले एक माह से जारी है। उन्होंने बताया कि कई आंदोलनकारी लंबे समय से अनशन पर हैं। यूनियन ने आरोप लगाया कि 18 जुलाई को अनशनरत जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा जबरन हटाया गया तथा अन्य अनशनकारियों के साथ भी दमनात्मक कार्रवाई की गई, जिसकी उन्होंने कड़ी निंदा की।उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार, पेपर लीक और सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली से जुड़े गंभीर मुद्दों पर सरकार को आंदोलनकारियों से संवाद करना चाहिए। लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय उनकी मांगों पर विचार किया जाना चाहिए।धरने के दौरान यूनियन ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को भंग कर पारदर्शी एवं जवाबदेह परीक्षा प्रणाली लागू करने, नई शिक्षा नीति-2020 को वापस लेने, पेपर लीक और भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाने तथा सभी के लिए सस्ती, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के अंत में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। इस दौरान जिलाध्यक्ष शिववती साहू, सुनीता गंगवार, रेखा सक्सेना, मंजू देवी सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।