बदायूँ में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक से रचाई शादी, अब ससुराल में प्रताड़ना का आरोप
बदायूं। सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित शिव कॉलोनी, गली नंबर-2, प्रेमनगर में रहने वाली एक महिला ने अपने ससुराल पक्ष पर लगातार मारपीट, मानसिक उत्पीड़न, गाली-गलौज और घर से निकालने की कोशिश करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि उसने अपनी इच्छा से एक हिंदू युवक से विवाह किया था और विवाह के बाद सनातन धर्म की रीति-रिवाजों को अपनाते हुए पूजा-पाठ, व्रत और सभी पर्व-त्योहार मनाती है। इसके बावजूद ससुराल पक्ष उसे लगातार प्रताड़ित कर रहा है।
महिला का आरोप है कि उसके ससुर मदनपाल, सास सुनीता, ननद गौरी, देवर आकाश, ननद-ननदोई रिचा और गौरव उर्फ राहुल, मामा ससुर रमेश उर्फ गोविंदा सहित अन्य परिजन आए दिन उसके साथ मारपीट करते हैं। आरोप है कि उसे जातिसूचक और अभद्र गालियां दी जाती हैं तथा घर छोड़ने का दबाव बनाया जाता है।पीड़िता के अनुसार वह कई बार सिविल लाइन थाना और मैकूलाल चौकी में लिखित प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग कर चुकी है, लेकिन उसकी शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। महिला ने आरोप लगाया कि मंगलवार सुबह भी सास, ससुर, ननद और देवर ने उसके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इसके बाद उसने पुनः सिविल लाइन थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई।महिला का कहना है कि वह नियमित रूप से सनातन धर्म के अनुसार पूजा-पाठ करती है, लेकिन ससुराल पक्ष के लोग उसकी पूजा सामग्री को नुकसान पहुंचाते हैं और धार्मिक कार्यों में बाधा डालते हैं। उसने यह भी बताया कि उसके विवाह से दो छोटे बच्चे हैं और उसका पति मजदूरी कर पूरे परिवार का पालन-पोषण करता है।
पीड़िता का दावा है कि उसके पास गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार के वीडियो मौजूद हैं। उसका आरोप है कि घर में खुलेआम शराब पी जाती है और जब वह इसका विरोध करती है तो उसके साथ मारपीट की जाती है। घर में शराब पीने और पिलाने के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की भी चर्चा है।महिला ने पुलिस प्रशासन से अपने और अपने दोनों बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, आरोपियों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा लगातार हो रही प्रताड़ना से मुक्ति दिलाने की मांग की है।
इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। पीड़िता के आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। समाचार में लगाए गए सभी आरोप पीड़िता के कथनों पर आधारित हैं।















































































