उझानी। बरेली-मथुरा हाईवे पर रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। सोमवार को हरिहरपुर गांव के पास हुए हादसे में एक और जान चली गई, जबकि पिछले बुधवार को इसी हाईवे पर 6 महिलाओं की मौत हो चुकी है। दोनों हादसों में ई-रिक्शा को तेज रफ्तार वाहनों ने टक्कर मारी।सोमवार सुबह गांव हरिहरपुर के पास दर्दनाक हादसा हुआ। सड़क किनारे लघुशंका के लिए रुके ई-रिक्शा में पीछे से आई तेज रफ्तार डबल-डेकर बस ने जोरदार टक्कर मार दी।हादसे में बरेली के आंवला थाना क्षेत्र के गांव पलबरिया निवासी 52 वर्षीय नेमचंद्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी 49 वर्षीय रेखा गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों हजरतगंज निवासी सोनू के ई-रिक्शा से हरिहरपुर स्थित मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे।चीख-पुकार सुनकर पहुंची कोतवाली पुलिस ने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहां डॉक्टरों ने नेमचंद्र को मृत घोषित कर दिया। रेखा का इलाज जारी है। बस चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बस व चालक की तलाश शुरू कर दी है।इससे पहले पिछले बुधवार को भी इसी हाईवे पर दिल दहलाने वाला हादसा हुआ था। एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने ई-रिक्शा को रौंद दिया, जिसमें 6 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई थी। लगातार हो रहे हादसों से हाईवे पर सफर करना खतरनाक बन गया हैकोतवाली प्रभारी प्रवीण कुमार ने बताया कि हादसे में बस चालक की तलाश की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं बुधवार के हादसे में भी आरोपी चालक पर केस दर्ज है।हाईवे पर 5 दिन में दूसरा बड़ा हादसा आज हरिहरपुर के पास बस ने ई-रिक्शा को मारी टक्कर। नेमचंद्र, 52 वर्ष की मौत, पत्नी रेखा घायल। वही पिछला बुधवार- ट्रैक्टर-ई-रिक्शा भिड़ंत में कछला के मुरावननगला की 6 महिलाओं की मौत हो गई थी तेज रफ्तार और लापरवाही। दोनों मामलों में आरोपी चालक फरार।5 दिन में 7 मौतों के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। हाईवे पर ओवरस्पीडिंग और ई-रिक्शा के असुरक्षित संचालन पर लगाम लगाने की मांग तेज हो गई है।