पालिकाध्यक्ष फात्मा रजा ने बिल्डिंग लिपिक को निलंबित कर एक सप्ताह में मांगी जांच रिपोर्ट
बदायूँ,। वक्फ संपत्ति से जुड़े एक संवेदनशील विवाद में नगर पालिका परिषद ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए बिल्डिंग लिपिक नारायण दत्त शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आरोप है कि उन्होंने महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर पालिका प्रशासन को गुमराह किया और ऐसे भवन को ध्वस्त करने का नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया पूरी कराई, जिसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार फरशोरी टोला निवासी अहसान उद्दीन ने 5 जून 2026 को मोहल्ला वेदोटोला स्थित एक पुराने एवं जर्जर भवन को गिराने के लिए नगर पालिका में प्रार्थना-पत्र दिया था। इस आवेदन के आधार पर 8 जून 2026 को भवन ध्वस्तीकरण संबंधी वैधानिक नोटिस जारी कर दिया गया।मामले की जांच के दौरान प्रशासन के संज्ञान में आया कि उक्त भवन और उससे संबंधित संपत्ति को लेकर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) बदायूँ की अदालत में वाद लंबित है। इतना ही नहीं, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी एवं सहायक सर्वे आयुक्त (वक्फ) बदायूँ द्वारा 4 जून 2026 को जारी आदेश में स्पष्ट रूप से यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए थे। आदेश में कहा गया था कि न्यायालय के अंतिम निर्णय तथा भवन के वक्फ संपत्ति होने अथवा न होने संबंधी अभिलेखीय जांच पूरी होने तक किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जाएगा।नगर पालिका प्रशासन का आरोप है कि बिल्डिंग लिपिक ने इन महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी सक्षम अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत नहीं की और नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया। इसे गंभीर लापरवाही एवं सेवा नियमों के विपरीत आचरण मानते हुए उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।निलंबन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान संबंधित कर्मचारी को वित्तीय नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता एवं अन्य अनुमन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
वहीं पूरे मामले की विभागीय जांच सहायक अभियंता (जल) नितिन सक्सेना को सौंपी गई है। उन्हें एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।नगर पालिका की इस कार्रवाई के बाद मामला प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि विवादित भवन पर नोटिस जारी करने में नियमों की अनदेखी किस स्तर पर हुई और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।















































































