रंगदारी न देने पर बीच हाईवे बस पर अंधाधुंध फायरिंग, चालक-हेल्पर को बंधक बना रातभर पीटा
बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में रंगदारी (गुंडा टैक्स) न देने पर एक दुस्साहसिक वारदात सामने आई है। शाहजहाँपुर से मेरठ जा रही एक निजी बस को फिल्मी अंदाज में तीन लग्जरी कारों से पीछा कर रोका गया, बीच हाईवे पर जान से मारने की नियत से अंधाधुंध फायरिंग की गई और फिर बस के चालक व हेल्पर को अगवा कर पूरी रात बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा गया। बदमाशों ने धारदार हथियार (चाकू) से हमला कर दोनों को लहूलुहान कर दिया और मरणासन्न हालत में तड़के सुबह शाहजहाँपुर के निगोही थाने के पास छोड़कर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलने पर बस मालिक ने घायलों को मुक्त कराया, जिसके बाद बरेली के भोजीपुरा थाने में नामजद व अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
शाहजहाँपुर के रामनगर कॉलोनी निवासी वीरेंद्रपाल सिंह (गोल्डी) ‘गोल्डी बस सर्विस’ नाम से ट्रांसपोर्ट का संचालन करते हैं। उनकी एक निजी बस (UP27DT0739) मरम्मत के लिए शाहजहाँपुर से मेरठ जा रही थी। बस को चालक मोहम्मद आलिम और हेल्पर आकाश राठौर लेकर निकले थे। मिलक बाईपास के पास पीछे से आ रही एक ‘शेर मार्का’ बस (AR06C3208) ने उनकी बस में जानबूझकर टक्कर मार दी। जब चालक आलिम नीचे उतरने लगा, तो दूसरी गाड़ी से 30-35 लोग लाठी-डंडे लेकर उसकी तरफ दौड़े। घबराकर चालक ने बस को वापस शाहजहाँपुर की तरफ मोड़ दिया।
पीछा कर रहे बदमाशों ने फतेहगंज पश्चिमी टोल प्लाजा पार करते ही फॉर्च्यूनर, थार और होंडा कार से बस को घेरने का प्रयास किया। जब चालक ने बस नहीं रोकी, तो बदमाशों ने हाईवे पर ही बस पर करीब 10 से 12 राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी में दो गोलियां बस के मुख्य शीशे और एक बॉडी पर जा लगी। चालक ने जान बचाने के लिए बस को नैनीताल हाईवे की तरफ भगाया, लेकिन बिल्वा चेकपोस्ट के पास जाम और आगे ट्रैक्टर आ जाने के कारण बस रुक गई। बदमाशों ने अपनी थार गाड़ी (UP27BW1515) को बस के आगे अड़ा दिया।
इसके बाद थार और फॉर्च्यूनर सवार बदमाशों ने चालक और हेल्पर को बस से खींच लिया और लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। जब पीड़ितों ने शोर मचाने की कोशिश की, तो बदमाशों ने आलिम पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसके गहरे टांके आए हैं। आरोपी दोनों को जबरन अपनी थार गाड़ी में डालकर बीसलपुर होते हुए शाहजहाँपुर के निगोही क्षेत्र में स्थित मनोज यादव की डेयरी पर ले गए। वहाँ दोनों को करीब 3-4 घंटे तक बेरहमी से पीटा गया और तमंचा तानकर जान से मारने की धमकी दी गई। इसी बीच पुलिस की गश्ती गाड़ी की भनक लगते ही बदमाश दोनों को वहां से उठाकर एक ईंट-भट्ठे पर ले गए और वहां भी उनके साथ हैवानियत की गई। इस दौरान बदमाशों ने चालक से 15,000 रुपये डीजल के और हेल्पर से दो मोबाइल व 1,700 रुपये कैश भी लूट लिए।
गंभीर रूप से घायल और बेहोशी की हालत में बदमाशों ने दोनों को तड़के सुबह करीब 4 बजे निगोही थाने के पास छोड़ दिया और फरार हो गए। सुबह जब बस मालिक वीरेंद्रपाल सिंह को इसकी सूचना मिली, तो उन्होंने निगोही थाने पहुंचकर दोनों को अपनी सुपुर्दगी में लिया और घटनास्थल बरेली का क्षेत्र होने के कारण उन्हें भोजीपुरा थाने लेकर आए।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि नामजद आरोपी मोनू सिंह, अमरीश, मनोज यादव, सूरज, महेश, तौफीक और मुजीब गुंडा प्रवृत्ति के लोग हैं। ये लोग पूर्व में भी वीरेंद्रपाल सिंह से बसें चलाने के एवज में 1 लाख रुपये प्रति माह की अवैध रंगदारी मांग चुके हैं और न देने पर जान से मारने की धमकी दे रहे थे।
पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित की तहरीर पर नामजद व अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।















































































