सहकारिता राज्यमंत्री जेपीएस राठौर बोले- ‘अपराधियों का जहन्नुम का टिकट कटना तय’
बरेली। उत्तर प्रदेश के सहकारिता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने आज बरेली में विभागीय अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की प्रगति का जायजा लेने के बाद राज्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, कानून-व्यवस्था पर कड़ा रुख अख्तियार किया और हाल ही में हुई एक दुर्भाग्यपूर्ण होटल दुर्घटना पर दुख जताते हुए प्रदेश भर में कड़े जांच अभियान के निर्देश दिए।
सहकारिता राज्यमंत्री जेपीएस राठौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश में बीते 12 साल विकास, विश्वास और जनकल्याण के रहे हैं। सरकार ने नकारात्मक राजनीति को पीछे छोड़कर ‘परफॉर्मेंस की पॉलिटिक्स’ (प्रदर्शन की राजनीति) की शुरुआत की है, जिसके दम पर भाजपा को जनता का सकारात्मक जनादेश और लगातार आशीर्वाद मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आज देश में इंफ्रास्ट्रक्चर का अभूतपूर्व विकास हुआ है, आतंकवाद और नक्सलवाद को खत्म कर सीमाएं सुरक्षित की गई हैं, जिससे भारत विश्व पटल पर एक आर्थिक और सामरिक महाशक्ति बनकर उभरा है। 56 इंच के सीने वाले नेतृत्व के कारण आज दुनिया भर में हर भारतवासी को सम्मान की नजर से देखा जाता है।
शहर में हुई हालिया होटल दुर्घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए राज्यमंत्री ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना मानकों के अवैध रूप से होटल या कोई भी व्यवसाय संचालित करना पूरी तरह गलत है। लोगों की जान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश के सभी होटलों की गहन जांच की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रदेश की कानून-व्यवस्था और विपक्ष के सवालों पर पलटवार करते हुए जेपीएस राठौर ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि ‘पुरानी आदतें मुश्किल से छूटती हैं।’ पिछली सरकारों में जिन अपराधियों और माफियाओं को संरक्षण मिला था, वर्तमान सरकार उन्हें मानसिक और शारीरिक दोनों मोर्चों पर तोड़ रही है और उनकी हर अवैध गतिविधि को बाधित किया जा रहा है। उन्होंने अपराधियों को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी कानून हाथ में लेगा या वारदातों को अंजाम देगा, उसका जहन्नुम का टिकट कटना तय है; ऐसे तत्वों की जगह सिर्फ जेल की सलाखों के पीछे या फिर सीधे जहन्नुम में है।















































































