बदायूं : प्रादेशिक प्रशिक्षण केंद्र शीतलाखेत अल्मोड़ा, उत्तराखंड में चल रहे एडवेंचर कैंप और नेचर स्टडी कम ट्रेकिंग कैंप के पहले दिन स्काउट गाइड ने पहाड़ियों की दुर्गम घाटियों के घने जंगलों के बीच एडेश्ववर महाकाल मंदिर पहुंचे। प्रकृति के नजदीक जाकर गतिविधियों को जाना। प्रादेशिक मुख्यायुक्त डा. प्रभात कुमार और प्रादेशिक अध्यक्ष डा.महेंद सिंह के मार्गदर्शन में चल रहे इस शिविर में प्रदेश भर के स्काउट गाइड प्रतिभाग कर रहे हैं। जिले से तीन स्काउट रोहित गुप्ता, जीवन गोला, फरदीन अहमद को स्काउट संस्था के प्रादेशिक वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिला मुख्यायुक्त महेश चंद्र सक्सेना ने रवाना किया। एडवेंचर कैंप और नेचर स्टडी कम ट्रेकिंग कैंप लीडर आफ द कोर्स सहायक प्रादेशिक संगठन आयुक्त वाराणसी मंडल जयप्रकाश दक्ष ने ट्रेकिंग पर निकले स्काउट गाइड को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रकृति का सानिध्य जिनको मिला वह सौभाग्यशाली हैं। यहां से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि प्रकृति को माता मानें। जल, जंगल और जमीन को बर्बाद न करें। जल, वनौषधियां और आक्सीजन स्वस्थ जीवन का आधार और प्रकृति के अनुपम उपहार हैं। स्काउट गाइड की टीम ने एंडेश्वर महाकाल मंदिर का भ्रमण किया। शीतलाखेत केंद्र प्रभारी त्रिवेंद्र और एडवेंचर इंस्टेक्टर सहायक प्रादेशिक संगठन कमिश्नर सहारनपुर एवं मेरठ मंडल अमित के निर्देशन में स्काउट गाइड ने पहाड़ियों पर ट्रेकिंग की। प्रकृति के नजदीक जीवन जीने की कला को सिखाया। पहाड़ों की ऊंची चोटियां पर शुद्ध आक्सीजन लेते हुए झरनों, पुलों और घनें जंगलों के बीच गुजरते हुए स्काउट गाइड ने प्रकृति की गोद में अद्भुत नजारों का आनंद लिया। इस मौके पर एडवेंचर स्टाफ में मोहित, जिला संगठन आयुक्त (वाराणसी) विष्णु विश्वकर्मा, डीओसी आनंद मालियान, डीओसी रामेश्वरी वर्मा आदि मौजूद रहीं।