यादव बाहुल्य गांवों में पूर्व मंत्री आबिद रज़ा का ऐतिहासिक स्वागत, शेखूपुर से चुनाव लड़ने की उठी मांग
बदायूं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व मंत्री आबिद रज़ा इन दिनों पूरे जनपद में पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) अभियान को लेकर सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत वह लगातार गांव-गांव जनसभाएं और नुक्कड़ सभाएं कर जनता के बीच पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में शेखूपुर विधानसभा क्षेत्र के यादव बाहुल्य गांव मजाहिदपुर, इकलैरी, पलिया और सैजनी में पूर्व मंत्री आबिद रज़ा का भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया।गांवों में आबिद रज़ा के आगमन पर लोगों ने ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं, पगड़ी पहनाकर और छतों से पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। कई स्थानों पर जुलूस की शक्ल में उन्हें सभा स्थल तक ले जाया गया। ग्राम पलिया में ग्रामीणों ने उन्हें तलवार भेंट कर सम्मानित किया। गांवों की दीवारों और गलियों में “बहुत हो चुका भेद विचार, आबिद रज़ा अबकी बार, हमारा वोट आबिद रज़ा को” जैसे स्लोगन वाले बैनर और पोस्टर भी आकर्षण का केंद्र बने रहे।
मजाहिदपुर, इकलैरी, पलिया और सैजनी की जनता ने एक स्वर में आबिद रज़ा से वर्ष 2027 में शेखूपुर विधानसभा सीट संख्या-116 से चुनाव लड़ने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से शेखूपुर विधानसभा क्षेत्र में जनता को केवल वादों के सहारे रखा गया है। चुनाव के दौरान बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जीत के बाद नेता जनता से दूरी बना लेते हैं।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पिछले लगभग 35 वर्षों से क्षेत्र में जनता को धर्म और जाति के नाम पर बांटकर राजनीति की गई है। लोगों ने यह भी कहा कि शेखूपुर की राजनीति दो नेताओं के बीच “फिक्स मैच” जैसी हो गई है, जहां बारी-बारी से चुनाव जीतने का सिलसिला चलता है। जनता ने कहा कि अब क्षेत्र को एक नए विकल्प और विकास की जरूरत है और आबिद रज़ा उस विकल्प के रूप में दिखाई दे रहे हैं।जनसभाओं को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री आबिद रज़ा ने कहा कि शेखूपुर क्षेत्र की जनता ने उन्हें जो प्यार और सम्मान दिया है, उसके लिए वह दिल से आभारी हैं। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति का तरीका अलग है। वह केवल वादों पर नहीं बल्कि काम पर विश्वास करते हैं।

उन्होंने कहा कि वह जिस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, वहां जनता को अपने काम के लिए नेताओं के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।उन्होंने कहा कि काम करना उनका शौक नहीं बल्कि जुनून है। उनके क्षेत्र में किसी भी अधिकारी की हिम्मत नहीं होती कि वह किसी निर्दोष को परेशान कर सके। उन्होंने कहा कि शेखूपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास के नाम पर स्थिति बेहद चिंताजनक है। टूटी सड़कें, बदहाल शिक्षा व्यवस्था और कमजोर स्वास्थ्य सेवाएं यह बताने के लिए काफी हैं कि जनता के साथ न्याय नहीं हुआ।आबिद रज़ा ने कहा कि यदि जनता उन्हें अवसर देती है तो शेखूपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों की नई शुरुआत होगी। क्षेत्र में बेहतर सड़कें बनाई जाएंगी, डिग्री कॉलेजों की स्थापना की जाएगी और गरीबों के इलाज के लिए चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं ने हिंदू-मुस्लिम और बिरादरियों के बीच नफरत पैदा कर राजनीति करने का प्रयास किया है, लेकिन वह हमेशा सेक्युलर और सामाजिक समरसता की राजनीति में विश्वास रखते हैं। उनका प्रयास सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का है। उन्होंने कहा कि वह गरीब, मजदूर, किसान, छात्र और हर जरूरतमंद व्यक्ति के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई लड़ते हैं।पूर्व मंत्री ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर दावा किया कि पीडीए जनविरोधी सरकार को बदलने में बड़ी भूमिका निभाएगा और प्रदेश की जनता एक बार फिर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाएगी।इस दौरान पलिया और इकलैरी के ग्रामीणों ने छुट्टा पशुओं की समस्या उठाई। इस पर आबिद रज़ा ने घोषणा की कि उन्होंने नगर पालिका चेयरमैन फातिमा रज़ा से आग्रह किया था, जिसके बाद ग्राम पलिया में लगभग 1.75 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक गौशाला निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गौशाला बनने के बाद किसानों को छुट्टा पशुओं की समस्या से काफी राहत मिलेगी।
कार्यक्रम में सुनील यादव, हर्षित यादव, सोमेंद्र यादव, रजत यादव, आशीष यादव, रोहताश यादव, जवर सिंह यादव, अवधेश यादव, ब्रह्मपाल यादव, अशोक यादव, विमलेश यादव, सोनू यादव, विकास यादव, भूप सिंह यादव, रजनीश यादव, रमेश यादव, विनीत यादव, बदन सिंह यादव, दिनेश यादव सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।















































































