किड्स बागबान प्ले एंड डे बोर्डिंग स्कूल में रही ‘मदर्स डे’ की धूम; बच्चों ने अपनी माताओं पर लुटाया प्यार
बदायूँ। शहर की कृष्णा पार्क कॉलोनी में स्थित किड्स बागबान प्ले एंड डे बोर्डिंग स्कूल में आज मदर्स डे का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर स्कूल परिसर को गुब्बारों और रंगीन चार्ट्स से सजाया गया था, जहाँ बच्चों ने अपनी माताओं के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त किया। नन्हे मुन्नों ने अपनी प्रस्तुतियों से सबका दिल जीत लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना और स्वागत गीत से हुआ।इसके पश्चात माताओं के मस्तक पर तिलक लगाकर स्वागत किया गया और पुष्प वर्षा कराई गई। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी माताओं का हाथ थामकर उन्हें मंच तक पहुँचाया। इसके बाद नन्हे-मुन्ने बच्चों ने “मेरी माँ” और “ओ माँ मेरी माँ” जैसे गीतों पर सुंदर नृत्य प्रस्तुति देकर अपनी माताओं को भावविभोर कर दिया। बच्चों की मासूमियत और उनकी कोशिशों ने उपस्थित सभी अभिभावकों की आँखें नम कर दीं।बच्चों ने अपने हाथों से बनाए हुए सुंदर ‘मदर्स डे कार्ड’ और उपहार अपनी माताओं को भेंट किए। अपनी संतान के हाथों से बने कार्ड पाकर कई माताओं की आँखें खुशी से छलक उठीं।

विद्यालय की प्रिंसिपल नीलू शर्मा ने बच्चों को माताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ”एक बच्चे के जीवन में उसकी पहली गुरु उसकी माँ होती है। किड्स बागबान स्कूल का हमेशा से यह प्रयास रहा है कि हम बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ उच्च संस्कार भी दें। आज का यह कार्यक्रम उसी दिशा में एक छोटी सी कोशिश है।” “माँ केवल एक शब्द नहीं, बल्कि पूरा संसार है। हमारा उद्देश्य बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ संस्कारों से भी जोड़ना है। आज के कार्यक्रम में बच्चों के चेहरे की खुशी और माताओं का गौरव देखकर हमारा उद्देश्य सफल होता दिखाई देता है।”कार्यक्रम में अरीव, अनमता, व्याख्या, सनाया, देव साहू, माधव चौहान, स्पर्श मिश्रा, प्रथम सूरी, आरोही साहू, सिद्धार्थ सिंह, पार्थवी सिंह, तृप्ति सिंह, तेजसी, राघव, सर्वज्ञ, आरना, शिवांश, सना, मो० श्यान, वृन्दा, हुम्मे कुलसुम, रुद्रांश सिंह, अदिति सिंह, आरव साहू, युवांश, एकता साहू, अनायज़ा, अरीवा, अलमान, उम्मत, दिव्यांशी आदि बच्चों ने प्रतिभाग किया।विद्यालय की कोर्डिनेटर हर्षना रस्तोगी ने कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों और अभिभावकों को मदर्स डे की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों का मुख्य उद्देश्य बच्चों को अपनी संस्कृति से जोड़ना है।इस अवसर पर स्कूल का समस्त स्टाफ, शिक्षिकाएं और भारी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और जलपान के साथ हुआ। धन्यवाद।















































































