बरेली। महात्मा ज्योतिबा फूले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में माइग्रेशन सर्टिफिकेट और प्रोविजनल डिग्री की फीस ₹200 से बढ़ाकर ₹1000 किए जाने के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने परीक्षा नियंत्रक का घेराव कर प्रदर्शन किया। छात्र नेताओं का कहना था कि फीस में की गई यह भारी वृद्धि छात्र हितों के खिलाफ है और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए बेहद परेशानी पैदा करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से संवाद किए बिना एकतरफा निर्णय लिया है, जो स्वीकार्य नहीं है। प्रदर्शन का नेतृत्व प्रांत मंत्री आनंद कठेरिया ने किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद सदैव छात्र हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत रही है और प्रशासन से तत्काल बढ़ी हुई फीस वापस लेने की मांग की। एबीवीपी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय वापस नहीं लिया गया तो संगठन उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। इस दौरान विकास गोला, अरुण सूर्यवंशी, विपिन शर्मा, खुशी, मनीषा प्रताप, नितिन मिश्रा, कुनाल मिश्रा, ट्विंकल गुप्ता, हर्ष वर्धन, सत्यम गुर्जर, हर्ष राजपूत और लक्की शर्मा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।